CL Gupta Eye Institute की वार्डन ने लाखों रुपए हड़पे, ऑडिट में हुआ खुलासा

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। सी एल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट की परामर्श, पंजीकरण इत्यादि के कार्य के साथ-साथ छात्रावास की वार्डन का दायित्व देख रही महिला कर्मचारियों ने लाखों रुपए हड़प लिए। इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

कांठ रोड पर रामगंगा विहार में सी. एल. गुप्ता आई इंस्टीटयूट है। सी. एल. गुप्ता आई इंस्टीट्यूट में 3 अगस्त 2021 से 29 अगस्त 2025 तक श्रीमती अमृता मिश्रा (निवासी आशियाना, रामगंगा विहार, मुरादाबाद) कार्यरत थी। श्रीमती अमृता मिश्रा पर प्रवेश प्रक्रिया जैसे परामर्श, पंजीकरण इत्यादि के कार्य के साथ-साथ छात्रावास की वार्डन का दायित्व भी रहा। इस अवधि में उन्हें कभी भी किसी भी छात्र से नकद या अपने स्वयं के बैंक खाते के माध्यम से कोई भी शुल्क लेने का अधिकार संस्थान द्वारा नहीं दिया गया था।

हाल ही में CL. Gupta Eye Institute के Accounts Head/ CA Sagar Madaan ने, उनके द्वारा किए गए आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि श्रीमती अमृता मिश्रा द्वारा संस्थान के नियमों का उल्लंघन करते हुए छात्रों से विभिन्न शुल्क लिए गए, जिनमें से अधिकांश धनराशि संस्थान के खातों में जमा नहीं की गई।

छात्रावास में रह रही छात्राओं से 25.79 लाख लिए लेकिन जमा नहीं किया इंस्टिट्यूट के खाते में

1. छात्रावास में रह रही छात्राओं से शुल्क लेकर वह पूरी राशि संस्थान में जमा नहीं की गई। जांच के दौरान कई छात्राओं ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अमृता मिश्रा को शुल्क अदा किया था, जिसकी राशि लगभग 25,79,500 है। इसके लिए नोटिस पहले से ही जारी हो चुका है।

2025 बैच के डिप्लोमा छात्रों से 1.80 लाख मगर नहीं दी रसीद छात्रों को

2. डिप्लोमा 2025 बैच के छात्रों से प्रवेश शुल्क लेते समय प्रति छात्र 10,000 अपने पास रखकर शेष राशि जमा की गई। यह पैसा कुछ बच्चों से नकद और कुछ से बैंक अकाउंट में लिया गया है। इस संबंध में छात्रों को कोई रसीद भी नहीं दी गई। कुल राशि 1,80,000 जमा नहीं की गई।

डिप्लोमा 2023 बैच के छात्रों से लिया 1.47 लाख रुपए परीक्षा शुल्क भी गबन किया

3. डिप्लोमा 2023 बैच के छात्रों से परीक्षा शुल्क लेकर जमा नहीं किया गया, जबकि संस्था ने विश्ववि‌द्यालय को यह राशि पहले ही अदा कर दी थी। कुल राशि 1.47,500 है। यह पैसा कुछ बच्चों से नकद और कुछ से बैंक अकाउंट में लिया गया है।

50 हजार की राशि परीक्षा शुल्क के रूप में लेकर जमा नहीं की

4. डिप्लोमा 2024 बैच के साथ भी इसी प्रकार का मामला हुआ, जहाँ 50,000 की राशि परीक्षा शुल्क के रूप में लेकर जमा नहीं की गई। यह पैसा कुछ बच्चों से नकद और कुछ से बैंक अकाउंट में लिया गया है।

2024 बीच के छात्रों का 26000 रुपए का भी पता नहीं

5. बैचलर 2024 बैच पो छात्रों से नामांकन सुत्र 1,000 प्रति छात्र के हिसाब से वसूता गया, जो संस्थान के खाते में नहीं गया। कुल राशि 26,000 है। यह पैसा कुछ बच्चो से नकद और कुछ से बैंक अकाउंट में लिया गया है।

बैचलर 2025 बैच के छात्रों से 70,000 लिए लेकिन जमा नहीं किए

6. बैचलर 2025 बैच के छात्रों से 2,000 प्रति छात्र वेरिफिकेशन फीस के रूप में वसूल की गई. जबकि इस प्रकार की कोई फीस विश्ववि‌द्यालय या संस्थान द्वारा निर्धारित नहीं है। यह राशि भी या तो नकद या उनके व्यक्तिगत खाते में ली गई। कुल 70,000 की राशि इस मद में ली गई।

14 छात्रों के 63,000 का भी पता नहीं

7. बैचलर 2022 के बच्चों से परीक्षा शुल्क लिया जाता है कोर्स फीस के अलावा हलाकि हमेशा बच्चों से लेकर संस्था में जमा भी कराया गया. परन्तु एक बार परीक्षा शुल्क संस्था ने विश्वविधालय को जमा तो कराया परन्तु संस्था को बचो से नहीं मिला। बच्चों से पूछने पर उन्होंने कहा की उनसे हमेशा परीक्षा से पहले परीक्षा शुल्क लिया गया है. तो हमें यह आशंका है कि 63 हजार रुपए जो कि 14 बच्चों से 4500 एक बच्चे से लिए गए और जमा नहीं कराये गए इसकी जांच कराई जाये।

यूनिवर्सिटी ने रजिस्ट्रेशन का शुल्क लौटाया लेकिन नहीं मिले छात्रों को

8. साथ ही बच्चों से रजिस्ट्रेशन फीस के Rs. 5500 अपने खाते में लेकर आगे अटल बिहारी विश्वविधालय को जमा कराये गए। परन्तु बच्चों से ऐसा पता लगा की इन 5500 में से 500 विश्वविद्यालय अपने पास रोककर उसी खाते में वापस कर देता है जिससे वह 5500 जमा हुए होते है. तो जिन बच्चो के पैसे वापस नहीं आये वो संस्था से वापस लेने आये है क्यूंकि उनको कहा गया था की यह 5000 उनको वापस आ जायेंगे। कुछ बच्चो ने अपने खाते से जमा करे थे तो उनके पैसे उनके खाते में वापस आये है तो इसकी जांच कराई जाये अगर यह पैसा वापस आया हो अमृता मिश्रा के खाते मे तो इसे बच्चो को वापस दिलाने की कृपा करें।

इस संबंध में CA सागर मदान का कहना है कि संस्थान को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है और उसकी प्रतिष्ठा को भी आघात पहुँचा है। उपरोक्त सभी अनियमितताओं से यह स्पष्ट होता है कि श्रीमती अमृता मिश्रा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संस्थान के साथ विश्वासघात किया है और जानबूझकर वित्तीय हानि पहुंचाई है।

फिलहाल, CA Sagar Madan की तहरीर पर सिविल लाइन पुलिस ने श्रीमती अमृता मिश्रा के धोखाधड़ी एवं गबन के अंतर्गत एफ आई आर दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दिया है। फिलहाल इस मामले की जांच रामगंगा विहार पुलिस चौकी के इंचार्ज उप निरीक्षक कपिल राणा कर रहे हैं

फिलहाल, CA Sagar Madan की तहरीर पर सिविल लाइन पुलिस ने श्रीमती अमृता मिश्रा के धोखाधड़ी एवं गबन के अंतर्गत एफ आई आर दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दिया है। फिलहाल इस मामले की जांच रामगंगा विहार पुलिस चौकी के इंचार्ज उप निरीक्षक कपिल राणा कर रहे हैं

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