सपना चौधरी डांस विवाद: कोर्ट ने थाने को अंतिम मौका दिया, 7 अगस्त तक मांगी विस्तृत आख्या
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सपना चौधरी डांस विवाद: कोर्ट ने थाने को अंतिम मौका दिया, 7 अगस्त तक मांगी विस्तृत आख्या
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मुरादाबाद के चर्चित सपना चौधरी डांस विवाद मामले में एसीजेएम कोर्ट संख्या-2 ने पुलिस को अंतिम अवसर देते हुए 7 अगस्त तक विस्तृत आख्या दाखिल करने के निर्देश दिए। समय पर रिपोर्ट न देने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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लव इंडिया, मुरादाबाद। वर्ष 2019 में रेलवे स्टेडियम में आयोजित हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के कार्यक्रम से जुड़े मामले में न्यायालय ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। एसीजेएम कोर्ट संख्या-2 ने संबंधित थाने से मांगी गई विस्तृत आख्या अब तक प्रस्तुत न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए पुलिस को अंतिम अवसर दिया है। न्यायालय ने 7 अगस्त तक हर हाल में आख्या दाखिल करने के निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
वादी पक्ष के अनुसार, 11 जून 2019 को मुरादाबाद रेलवे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने प्रस्तुति दी थी। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य होने से भीड़ उत्तेजित होकर बेकाबू हो गई, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई दर्शकों के घायल होने का भी दावा किया गया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करते हुए देर रात तक डीजे बजाया गया, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई तथा सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों को लेकर गायत्री नगर निवासी डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा ने पहले थाना सिविल लाइंस और तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि कार्रवाई न होने पर उन्होंने अपने अधिवक्ता वैभव अग्रवाल के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुरादाबाद की अदालत में वाद दायर किया, जिसकी सुनवाई वर्तमान में एसीजेएम कोर्ट संख्या-2 में चल रही है।
बताया गया कि पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विस्तृत आख्या प्रस्तुत न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इस बार भी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर अदालत ने 7 अगस्त तक अंतिम अवसर देते हुए आख्या दाखिल करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप न्यायालय में विचाराधीन वाद एवं वादी पक्ष के दावों पर आधारित हैं। मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना शेष है।)
