सांसद रुचि वीरा ने जौहर यूनिवर्सिटी के आंदोलनकारी छात्रों को दी बधाई, अंतरिम रोक को बताया संघर्ष की जीत
उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने इसे आंदोलनकारी छात्रों और शिक्षाविदों के संघर्ष की जीत बताया है।
सोमवार देर शाम जारी अंतरिम आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद रुचि वीरा ने कहा कि मंडलायुक्त द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर लगाई गई रोक से छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय से जुड़े हजारों लोगों को फिलहाल राहत मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अंतरिम राहत आगे चलकर स्थायी समाधान का आधार बनेगी।
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सांसद ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए जिस तरह छात्र-छात्राओं, शिक्षाविदों और विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया, वह सराहनीय है। उन्होंने इस आंदोलन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए उनके धैर्य और एकजुटता की प्रशंसा की।
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रुचि वीरा ने कहा कि वह आशा करती हैं कि मामले में न्यायपूर्ण निर्णय होगा और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के संचालित होती रहेंगी। उन्होंने आंदोलन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने कथित रूप से बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय परिसर के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंडलायुक्त के समक्ष अपील दायर की थी।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की अपील स्वीकार करते हुए मामले में अगले आदेश तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अंतिम सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की बुलडोजर या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होगी।
