हरिहर मंदिर जलाभिषेक आंदोलन: शिवसेना ने 20 हजार फॉर्म भरवाने का बनाया लक्ष्य, दिल्ली में बैठक

लव इंडिया, नई दिल्ली/मुरादाबाद। हरिहर मंदिर जलाभिषेक को लेकर शिवसेना के प्रस्तावित मुक्ति आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में शिवसेना सांसद अनिल देसाई के नई दिल्ली स्थित लोधी रोड आवास पर विभिन्न राज्यों के शिवसेना पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें आंदोलन के समर्थन में 20 हजार फॉर्म भरवाने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

बताया गया कि कार्यक्रम की शुरुआत शिवसेना सांसद अनिल देसाई ने स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे को नमन करते हुए की। बैठक में विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े शिवसेना पदाधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान जम्मू के प्रदेश प्रमुख मनीष मल्होत्रा, उत्तर प्रदेश पश्चिम के प्रभारी महेश आहूजा, उत्तर प्रदेश महासचिव एवं मेरठ प्रांत से धर्मेंद्र तोमर, बरेली क्षेत्र से पंकज पाठक, उत्तरांचल के प्रदेश प्रमुख गौरव, प्रदेश उपप्रमुख हेमंत नागर सहित अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

20 हजार फॉर्म भरवाने का लक्ष्य

बैठक में हरिहर मंदिर जलाभिषेक एवं मुक्ति आंदोलन को आम जनमानस से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाने की योजना पर चर्चा हुई। शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के अनुसार, पूरे प्रदेश में करीब 20 हजार फॉर्म भरवाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पदाधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी देते हुए योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत तहसील और जिला स्तर पर शिवसैनिकों के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

मुरादाबाद और संभल में भी कार्यक्रम की तैयारी

वीरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि आंदोलन को लेकर विभिन्न प्रदेशों और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों के मुरादाबाद एवं संभल पहुंचने के कार्यक्रम की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिवसेना का उद्देश्य आंदोलन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और आम जनमानस को इससे जोड़ना है।

बैठक में शिवसेना सांसद संजय राऊत, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों तथा राष्ट्रीय स्तर के अन्य पदाधिकारियों के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा किए जाने की बात कही गई।

शिवसेना नेताओं का कहना है कि हरिहर मंदिर जलाभिषेक को लेकर अभियान को संगठनात्मक स्तर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम आयोजित करने तथा लोगों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।


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