Amity समेत UP की चार universities के Law Students की TMU में Internship

लव इंडिया, मुरादाबाद । तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में यूपी की एमिटी यूनिवर्सिटी के संग-संग गुरू जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी समेत चार यूनिवर्सिटीज़ के 55 लॉ इंटर्न स्टुडेंट्स ने समीक्षा सत्र में सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण-डीएलएसए की ओर से 21 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत इस सत्र में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री प्रमोद प्रत्येकी ने बतौर मुख्य वक्ता, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री अजय वीर, कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ के डीन प्रो. हरवंश दीक्षित, प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार सिंह की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के अलावा यूपी की एमिटी यूनिवर्सिटी, गुरू जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी समेत चार यूनिवर्सिटीज़ के 55 लॉ इंटर्न स्टुडेंट्स ने डीएलएसए की ओर से आयोजित समीक्षा सत्र में साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में वक्ताओं ने इंटर्न स्टुडेंट्स को समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवम् निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने, विधिक जागरूकता फैलाने, एक संवेदनशील एवम् उत्तरदायी विधि पेशेवर के रूप में समाज सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दिलाया। इस सत्र में टीएमयू के 20, केजीके कॉलेज के 20, आईएफटीएम के 10 और एमिटी यूनिवर्सिटी-नोएडा के 5 लॉ स्टुडेंट्स की भागीदारी रही।

चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री प्रमोद प्रत्येकी ने बतौर मुख्य वक्ता कहा, इंटर्नशिप विधि स्टुडेंट्स को न्याय व्यवस्था, सामाजिक दायित्व और विधिक सेवा प्रणाली को निकट से समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री अजय वीर ने स्टुडेंट्स से इंटर्नशिप के दौरान तैयार किए गए लर्निंग फॉर्म्स और अनुभव साझा कराए।

ख़ास बातें
इंटर्नशिप से विधिक सेवा को निकट से समझने का मौकाः प्रमोद प्रत्येकी। अअजय वीर ने निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व पर प्रकाश डाला। डीन प्रो. हरवंश दीक्षित बोले, सेवा और उत्तरदायित्व की भावना भी जरूरी। प्रो. सुशील कुमार सिंह ने कहा, इंटर्नशिप से व्यावहारिक ज्ञान भी समृद्ध

उन्होंने वैकल्पिक विवाद निस्तारण-एडीआर, लोक अदालत और निःशुल्क विधिक सहायता की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ के डीन प्रो. हरवंश दीक्षित ने कहा, विधि शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून का ज्ञान देना नहीं, बल्कि स्टुडेंट्स में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।

प्राचार्य प्रो. सुशील सिंह ने कहा, इंटर्नशिप कार्यक्रम स्टुडेंट्स के व्यावहारिक ज्ञान को समृद्ध करते हैं और उन्हें एक सक्षम, संवेदनशील और उत्तरदायी विधि व्यवसायी बनने के लिए प्रेरित करते हैं। इससे पूर्व डीएलएसए के प्रतिनिधि ईशु शर्मा ने स्टुडेंट्स को राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, विधिक जागरूकता कार्यक्रमों, समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक न्याय पहुंचाने में विधि स्टुडेंट्स की भूमिका से अवगत कराया। समीक्षा सत्र में डॉ. नम्रता जैन, डॉ. डालचंद्र गौतम, श्री सुविज्ञ सक्सेना, श्री अभय दीक्षित आदि मौजूद रहे।

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