घुमंतू और विमुक्त जातियों के कल्याण के लिए विशेष बोर्ड का गठन सामाजिक क्रांति लाएगा: नेम सिंह बहेलिया

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। पिछले रविवार को विमुक्त जाति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि – बहेलिया, बारह, नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड़, कालबेलिया, सपेरा, जोगी सहित घुमंतू जातियों को उत्तर प्रदेश सरकार की समस्त सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने प्रदेश में घुमंतू जातियों के लिए कॉलोनियां और मकान बनाने के साथ-साथ प्रदेश के 9 जिलों में संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में छात्रों के रहने, खाने से लेकर यूनिफॉर्म तक की मुफ्त व्यवस्था और 264 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों पर कहा था कि यूपी सरकार बिना भेदभाव सभी तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विमुक्त व घुमंतू जातियों के कल्याणार्थ आयोजित विमुक्त जाति दिवस समारोह में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश में घुमंतू और विमुक्त जातियों के कल्याण के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन करेगी। साथ ही कहा था कि इन जातियों के लोगों को कॉलोनी और मकान उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जाएगा। इससे घुमंतू और विमुक्त जातियों के लोगों में खुशी की लहर है।

इसी को लेकर 8 सितंबर को मुरादाबाद महानगर के शाहपुर टिकरी रोड स्थित राधिका बैंकट हॉल में राष्ट्रीय बहेलिया जनजाति विकास मंच की आभार बैठक में राष्ट्रीय बहेलिया जनजाति विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेम सिंह बहेलिया ने अपने समाज के सैकड़ो लोगों के समक्ष सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि विमुक्त जाति दिवस पर की गई इन घोषणाओं को अगर ईमानदारी से अमल में लाया गया और काम किया गया तो आने वाले कल में बहेलिया बारह, नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड़, कालबेलिया, सपेरा और जोगी जैसी जातियां भी राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल हो जाएंगी जबकि अभी तक इन जातियों के लोगों की आर्थिक सामाजिक स्थिति बेहद खराब है पूरे देश में 15 करोड़ से अधिक इन जातियों के लोग हैं लेकिन इन पर ना तो घर है ना कोई कारोबार और ना ही यह समाज शिक्षित है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में घुमंतू और विमुक्त जातियों के कल्याण के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन को सामाजिक क्रांति की संज्ञा दी और कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा से अब ऐसा लग रह है कि हमारा परसों का संघर्ष रंग लाएगा और समाज के लोगों की दशा और दिशा को बदलेगा। हमारे लोग भी आप कॉलोनी में रहेंगे और उन पर अपने मकान हो सकेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष नेम सिंह बहेलिया ने कहा हम देश की वह वीर जातियां हैं, जिन्होंने विदेशी हमलों के समय योद्धा के रूप में संघर्ष किया। कभी मुगलों के खिलाफ तो कभी अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ लड़ाई लड़ी लेकिन अंग्रेजों ने हमारे पूर्वजों के पराक्रम से भयभीत होकर वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू किया और हमारे समाज की जातियों को जन्म से ही अपराधी घोषित कर दिया। स्वतंत्रता के बाद भी 1952 तक यह कलंक लगा रहा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रयासों से 31 अगस्त 1952 को इससे मुक्ति मिली।

उन्होंने कहा कि विमुक्त जाति दिवस उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब हमें आजादी के मायने समझ आए क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार पूरी ईमानदारी से विमुक्त और घुमंतू जातियों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में शिक्षा और आवास की दिशा में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं और अब मुख्यमंत्री ने विमुक्त और घुमंतू जातियों को भी जमीन के पट्टे और मतदान की सुविधा और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से मंच से ही कहा है कि घुमंतू जातियों के लिए बोर्ड का गठन किया जाए। और यह सब ईमानदारी से हुआ तो पहेलियां समाज की समझ जातियों का उत्थान होगा और इसके लिए समाज पूरी तरह से केंद्र और प्रदेश की सरकार के साथ-साथ अपना दल एस का आभारी है और सदैव आभारी रहेगा।

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