राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में किशोर को बुरी तरह पीटने में जेल अधीक्षक समेत कई पर मुकदमा

लव इंडिया मुरादाबाद। राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मुरादाबाद में अपचारी किशोर को कपड़ा डालकर बुरी तरह से पीटा और अमानवीय व्यवहार किया गया। प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड अमरोहा के 23 अगस्त 2025 के आदेश के अनुपालन में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मुरादाबाद में अपचारी किशोर के साथ हुई मारपीट के मामले में मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

दर्ज मुकदमे के अनुसार 22 अगस्त को अपचारी किशोर के पिता द्वारा किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया गया कि उसका पुत्र 21 अगस्त 2025 से बाल सुधार गृह मुरादाबाद में निरुद्ध है। उसकी पत्नी बाल किशोर गृह में अपने अपचारी बेटे से मिलने गयी और उसके पुत्र द्वारा ने बताया कि यहां मुझे परेशान किया गया और कल शाम खाना नहीं दिया और मेरे साथ बरबरता पूर्वक कपड़ा डालकर बाल सुधार गृह के स्टाफ द्वारा मारपीट की गयी जिससे मुझे काफी गुम चोटे आयी हैं। पीता के अनुसार उसके पुत्र को धमकाया गया कि यदि उसने किसी को बताया तो उसे फिर से मारेगे। अतः अपचारी के सरंक्षक ने उसके पुत्र को बोर्ड द्वारा व्यक्तिगत रूप से तलब करने उसका मेडिकल कराने और उसका बयान अंकित कराने की याचना की। इस पर किशोर न्याय बोर्ड के उल्लिखित आदेशों में अपचारी ने अपने सरंक्षक एवं अपने अधिवक्ता की उपस्थिति में बोर्ड के समक्ष कथन किया कि मैं 21 अगस्त 2025 को शाम सात बजे बाल सुधार गृह मुरादाबाद पहुंचा था। रात को खाना खाने और गिनती आदि होने के बाद में सोने जा रहा था तब स्टाफ के दो तीन लोग (जिनकी मैं शकल पहचानता हूँ) वे मेरे कन्धे पर हाथ डालकर साईड में ले गये और उनमे से एक ने मेरी गर्दन को पकड़ा। वाकी दो ने मुझे पीछे हाथो से पीटा और फिर उनके द्वारा जो उनके द्वारा चुनिंदा मानिटर है बैरिक के उन आठ-नौ लड़को ने मिलकर मुझे पीटा। जब मुझे अमरोहा लाया जा रहा था तो मुझे बाल गृह के जिन लड़को ने मारा था, उनमें से आदित्य, विशेष, पंकज, प्रमोद ने मुझे फिर डराया।

किशोर न्याय बोर्ड के उल्लिखित आदेशों में बाल सम्प्रेक्षण गृह के स्टाफ व अधीक्षक मुकेश चौधरी द्वारा अपचारी को डराया धमकाया गया और स्टाफ के द्वारा और समस्त स्टाफ़ की मौजूदगी में अपचारी के साथ मारपीट हुई अपचारी द्वारा बयान में कथित अधीक्षक एवं अन्य स्टाफ (जिन्हे अपचारी पहचानता है) द्वारा अपराध कारित करना स्थापित किया गया जिसके लिए किशोर न्याय बोर्ड द्वारा समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने हेतु आदेशित किया गया है। क्योंकि घटनास्थल का क्षेत्र मुरादाबाद सिविल लाइन थाना था इसलिए इस मुकदमे को गजरौला की बजाय मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया है।

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