Sk Finance ने किया कार लोन पास लेकिन ऋण के चार धधलाख गए कंपनी के ही DSR के खाते में, फरार

लव इंडिया, मुरादाबाद। Sk Finance का कारनामा देखिए। ग्राहक ने कार लोन के तौर पर चार लाख रुपए के लिए आवेदन किया। लोन पास हुआ लेकिन यह ग्राहक के खाते में नहीं आए बल्कि कंपनी के डायरेक्ट सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (DSR) के खाते में आए और वह रकम लेकर फरार हो गया।

कंपनी के ग्राहक राहुल वर्मा का कहना है जो मुरादाबाद जनपद के बिलारी थाना अंतर्गत शाहाबाद रोड स्थित मोहल्ला शांतिपुरम् के निवासी हैं।राहुल वर्मा ने एसके फाइनेंस कंपनी के स्थानीय कार्यालय से अपनी बलेनो कार UP 21 CD 5436 के लिए चार लाख रुपए के फाइनेंस (Loan) के लिए 10 अगस्त 20 25 को आवेदन किया था इसकी स्वीकृति 19 अगस्त को हुई और इसका मैसेज राहुल वर्मा के मोबाइल पर आया और अकाउंट नंबर भी बताया गया लेकिन राहुल वर्मा यह देखकर चौंक गए कि उनके बैंक के अकाउंट में चार लाख रुपए नहीं आए।

इस पर उन्होंने एसके फाइनेंस के कई चक्कर लगाए तो एक बार स्थानीय मैनेजर मोहम्मद इरफान ने बताया कि आपका लोन पास हो गया और यह रकम हमने कंपनी के कर्मचारी रोहित चौधरी के खाते में ट्रांसफर कर दी है लेकिन क्यों इस सवाल पर ग्राहक राहुल वर्मा को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया बल्कि सलाह दी गई कि रोहित चौधरी से संपर्क कर लो, स्वीकृत हुए ऋण का समस्त पैसा मिल जाएगा।


एसके फाइनेंस एक भारतीय गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है जिसकी स्थापना 1994 में हुई थी और इसका मुख्यालय जयपुर, राजस्थान में है। यह वाहन वित्तपोषण फररफ और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) कोफर फ फरफ फ र फ बफभ फनरन फफ फर फ रर र फफबर फ ऋण देती है।

Sk Finance का उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी ऑफिस है और यह यफरफबफफफफ फर ररफ फरर नरफफर नर। ररफ र बर बरर ऑफिस है दिल्ली रोड पर मझौली चौराहे से कुछ पहले की बिल्डिंग में सेकंड फ्लोर पर है। ऑफिस के गेट पर एसके न। न न फाइनेंस… (साथ आपके… हमेशा) का बोर्ड लगा है और साथ ही लिखा है नए भारत की फाइनेंस कंपनी।

मगर मुरादाबाद में एसके फाइनेंस अपने स्लोगन के विपरीत काम कर रही है। यह हमारा कहना नहीं है बल्कि कंपनी के ग्राहक राहुल वर्मा का कहना है जो मुरादाबाद जनपद के बिलारी थाना अंतर्गत शाहाबाद रोड स्थित मोहल्ला शांतिपुरम् के निवासी हैं।
राहुल वर्मा ने एसके फाइनेंस कंपनी के स्थानीय कार्यालय से अपनी बलेनो कार UP 21 CD 5436 के लिए चार लाख रुपए के फाइनेंस (Loan) के लिए 10 अगस्त 20 25 को आवेदन किया था इसकी स्वीकृति 19 अगस्त को हुई और इसका मैसेज राहुल वर्मा के मोबाइल पर आया और अकाउंट नंबर भी बताया गया लेकिन राहुल वर्मा यह देखकर चौंक गए कि उनके बैंक के अकाउंट में चार लाख रुपए नहीं आए।


इस पर उन्होंने एसके फाइनेंस के कई चक्कर लगाए तो एक बार स्थानीय मैनेजर मोहम्मद इरफान ने बताया कि आपका लोन पास हो गया और यह रकम हमने कंपनी के कर्मचारी रोहित चौधरी के खाते में ट्रांसफर कर दी है लेकिन क्यों इस सवाल पर ग्राहक राहुल वर्मा को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया बल्कि सलाह दी गई की रोहित चौधरी से संपर्क कर लो, स्वीकृत हुए रन का समस्त पैसा मिल जाएगा।

इस पर ग्राहक राहुल वर्मा ने रोहित चौधरी से संपर्क किया लेकिन वह आजकल आजकल पर डालता रहा और अगस्त बीतने के साथ ही सितंबर माह के 12 दिन भी निकल गए। इस पर राहुल वर्मा ने बिलारी थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। साथ ही, मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल और जिलाधिकारी मुरादाबाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद को भी उपरोक्त पूरे मामले में शिकायत करते हुए प्रतिलिपि दी है। मगर अभी तक ना तो थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और ना ही उच्च अधिकारियों के स्तर से कोई कार्रवाई हुई।

बिलारी के राहुल वर्मा जिन्होंने लिया था कार के लिए लोन लेकिन खाते में नहीं आई रकम

इससे परेशान और निराश होकर राहुल वर्मा ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र को सोशल मीडिया पर पत्रकारों को जारी कर दिया। न्याय हित के इस काम के लिए पत्रकार सक्रिय हुए और एस के फाइनेंस के मझोली चौराहा स्थित दफ्तर पर पहुंचे और ब्रांच मैनेजर मोहम्मद इरफान से जानकारी की तो उन्होंने पूरे मामले की पुष्टि की और कहा कि रोहित चौधरी एसके फाइनेंस कंपनी के डायरेक्ट सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (DSR) हैं। लगातार संपर्क किया जा रहा था लेकिन काॅल भी रिसीव नहीं हो रहा था। आज ही आज ही राहुल वर्मा ने फोन रिसीव किया और सोमवार तक मामले को निपटने की बात कही है, मगर ब्रांच मैनेजर इस बात का संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए कि स्वीकृत ऋण चार लाख रुपए की रकम कंपनी के डीएसआर रोहित चौधरी के खाते में क्यों डाली गई… और यही बात कहीं ना कहीं दाल में काला है और नए भारत की फाइनेंस कंपनी एसके फाइनेंस पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने की तरफ उंगली उठा रही है।

Sk Finance का अब तक का  सफर है शानदार


2024 में, कंपनी को आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) शुरू करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से विनियामक अनुमोदन प्राप्त हुआ।

एसके फाइनेंस की स्थापना 1994 में राजेंद्र कुमार सेतिया ने की थी।कंपनी ने वाहन वित्तपोषण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ शुरुआत की और बाद में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक परिचालन के साथ स्व-नियोजित व्यक्तियों को परिसंपत्ति-समर्थित ऋण देने में विविधता लाई। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा लाइसेंस प्राप्त है और आरबीआई के नियामक ढांचे के अनुसार इसे मध्य परत (एनबीएफसी-एमएल) के तहत वर्गीकृत किया गया है।

सितंबर 2024 तक, एसके फाइनेंस की भारत के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 615 शाखाएँ थीं, जिनमें से आधे से अधिक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित थीं।

2025 तक, एसके फाइनेंस ने ₹13,261 करोड़ की ऋण पुस्तिका की सूचना दी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत की वृद्धि है। कंपनी ने 2,200 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ के लिए आवेदन किया है, जिसमें नए निर्गम के माध्यम से 500 करोड़ रुपये और बिक्री प्रस्ताव के माध्यम से 1,700 करोड़ रुपये शामिल हैं। एसके फाइनेंस लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) ऋण क्षेत्र में भी अपने कारोबार का विस्तार कर रहा है।

बैंकिंग भाषा में डीएसआर (DSR) का मतलब डायरेक्ट सेल्स रिप्रेजेंटेटिव होता है : डीएसआर बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे ग्राहकों को बैंक के उत्पादों और सेवाओं के बारे में जानकारी देते हैं और उन्हें बैंक के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

डीएसआर की भूमिका: बैंक के उत्पादों और सेवाओं को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाना। ग्राहकों को बैंक के उत्पादों और सेवाओं के बारे में जानकारी देना। ग्राहकों को बैंक के उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना। ग्राहकों की जरूरतों को समझना और उनकी समस्याओं का समाधान करना।

डीएसआर के कार्य: बैंक के उत्पादों और सेवाओं का प्रचार करना। ग्राहकों को बैंक के उत्पादों और सेवाओं के बारे में सलाह देना। ग्राहकों के लिए बैंक के उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करने की प्रक्रिया को सरल बनाना। ग्राहकों की प्रतिक्रिया और सुझावों को बैंक तक पहुंचाना।

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