“डीएम कार्यालय में पहचान है…” का झांसा देकर दो भाइयों को थमाए कथित फर्जी शस्त्र लाइसेंस, नवीनीकरण के बहाने पिस्टल और लाखों रुपये भी हड़पे; न्यायालय के आदेश पर उत्तराखंड के सौरभ अग्रवाल पर मुकदमा

उमेश लव, मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा। “डीएम कार्यालय में मेरी अच्छी पहचान है, आसानी से शस्त्र लाइसेंस बनवा दूंगा…”। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसी भरोसे का फायदा उठाकर उत्तराखंड के काशीपुर निवासी एक व्यक्ति ने पहले दो भाइयों को कथित तौर पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस दिलवाए, फिर लाइसेंस नवीनीकरण और स्थानीय पते पर ट्रांसफर कराने का झांसा देकर उनकी पिस्टल, लाइसेंस और लाखों रुपये ले लिए। बाद में जब दोनों भाइयों ने सामान वापस मांगा तो आरोपी ने कथित रूप से खुद ही कह दिया कि लाइसेंस फर्जी हैं और वह उन्हें वापस नहीं करेगा।

इस मामले में न्यायालय के आदेश पर ठाकुरद्वारा थाने में काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ठाकुरद्वारा निवासी पीयूष कुमार ने आरोप लगाया कि सौरभ अग्रवाल ने शाहजहांपुर डीएम कार्यालय में पहचान होने का दावा करते हुए पहले उसका और उसके फुफेरे भाई अमित चौहान का शस्त्र लाइसेंस बनवाया। इसके लिए दोनों भाइयों से कथित रूप से पांच-पांच लाख रुपये लिए गए। कुछ समय बाद आरोपी ने दोनों को पिस्टल और लाइसेंस भी उपलब्ध करा दिए, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया।

शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2026 में लाइसेंस नवीनीकरण का समय आने पर आरोपी ने दोनों भाइयों को भरोसा दिलाया कि लाइसेंस का नवीनीकरण और स्थानीय पते पर ट्रांसफर कराया जाएगा। आरोप है कि इसी बहाने उसने दोनों के लाइसेंस, पिस्टल और एक-एक लाख रुपये अतिरिक्त ले लिए। कई बार मांगने के बावजूद आरोपी ने न तो लाइसेंस और पिस्टल लौटाए और न ही रुपये वापस किए।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में आरोपी ने साफ कह दिया कि लाइसेंस फर्जी हैं और वह सामान वापस नहीं करेगा। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद ठाकुरद्वारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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