उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष उद्योग जगत ने उठाईं आठ बड़ी मांगें, लघु उद्योग भारती ने सौंपा ज्ञापन

उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मुरादाबाद आगमन के दौरान लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने उनसे शिष्टाचार भेंट कर निर्यातकों, उद्यमियों और व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने उद्योग जगत के सामने खड़ी चुनौतियों को रखते हुए उनके समाधान की मांग की।

उपमुख्यमंत्री का स्वागत मुरादाबाद के प्रमुख उद्योगपति एवं मेसर्स पार्थ ओवरसीज के संचालक राजीव गोयल के परम्परा फेस-2 स्थित आवास पर किया गया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

प्रदूषण विभाग की टेस्टिंग प्रक्रिया पर उठाए सवाल

संगठन ने ज्ञापन में कहा कि मुरादाबाद रेड कैटेगरी में आने के कारण उद्योगों से लिए जाने वाले पानी के नमूनों की जांच लखनऊ भेजी जाती है। नमूने पहुंचने में अधिक समय लगने के कारण उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है और कई रिपोर्टें असफल घोषित हो जाती हैं। संगठन ने मांग की कि पानी की लैब टेस्टिंग की सुविधा मुरादाबाद में ही उपलब्ध कराई जाए।

स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की मांग

उद्यमियों ने कहा कि जिले में कुशल कारीगरों और प्रशिक्षित श्रमिकों की भारी कमी है। ऐसे में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP मॉडल) के आधार पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सके।

R-2 श्रेणी से उद्योगों को राहत देने की मांग

लघु उद्योग भारती ने कहा कि दशकों पहले स्थापित कई औद्योगिक इकाइयां वर्तमान में R-2 श्रेणी की बाधाओं का सामना कर रही हैं। संगठन ने पंडित नगला मिनी बाईपास रोड और प्रेम नगर इंडस्ट्रियल एरिया को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की मांग उठाई, जिससे उद्यमियों को राहत मिल सके।

नगर निगम क्षेत्र के उद्योगों पर गृहकर कम करने की मांग

संगठन ने कहा कि राज्य सरकार ने नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों में स्थित MSME इकाइयों पर गृहकर तीन गुना से घटाकर एक गुना कर दिया है। इसी प्रकार नगर निगम क्षेत्र में संचालित उद्योगों को भी यह राहत प्रदान की जानी चाहिए।

जल कर समाप्त करने की उठी मांग

ज्ञापन में कहा गया कि अधिकांश औद्योगिक इकाइयों ने नगर निगम का जल कनेक्शन नहीं लिया है और वे भूजल विभाग की अनुमति से स्वयं बोरिंग कर पानी की व्यवस्था करती हैं। ऐसे उद्योगों से जल कर वसूली समाप्त की जानी चाहिए।

शहर में तीन नए फायर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव

उद्योगपतियों ने बताया कि तेजी से विस्तार कर रहे मुरादाबाद में एकमात्र फायर स्टेशन पर्याप्त नहीं है। दिल्ली रोड, रामपुर रोड और कांठ रोड क्षेत्रों में नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाने की आवश्यकता है, ताकि आपातकालीन स्थिति में समय पर राहत पहुंच सके।

ESI अस्पताल की स्थापना पर जोर

लघु उद्योग भारती ने कहा कि पिछले लगभग दस वर्षों से मुरादाबाद में ईएसआई अस्पताल की मांग की जा रही है। वर्तमान में ईएसआई कार्डधारक कर्मचारियों को उपचार के लिए बरेली जाना पड़ता है। जिले में हजारों कर्मचारी और बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां होने के बावजूद अभी तक अस्पताल की स्थापना नहीं हो सकी है।

सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग

संगठन ने उद्योगों को विभिन्न विभागों से एनओसी प्राप्त करने में आने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में जिला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग की गई, जिससे अनुमतियों की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो सके।

बड़ी संख्या में उद्योगपति रहे मौजूद

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि उपमुख्यमंत्री के समक्ष उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई होगी और इससे मुरादाबाद के उद्योग एवं निर्यात क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता, प्रदेश महामंत्री अमित अग्रवाल, मेरठ संभाग उपाध्यक्ष अंशुल अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष हेमंत जुनेजा, मंडल उपाध्यक्ष अतुल भूटानी, इकाई अध्यक्ष रचित अग्रवाल, इकाई महासचिव अमित कपूर, कोषाध्यक्ष हिमांशु बंसल समेत अनेक उद्योगपति और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

error: Content is protected !!