Andhra Pradesh में NUJ की Executive Meeting : मीडिया की सुनिश्चित अभिव्यक्ति, महिला पत्रकारों को सामान अवसर की मांग समेत चार प्रस्ताव पारित



विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) एन यू जे ने संविधान संशोधन कर मौलिक अधिकार में नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ मीडिया की स्वतंत्रता की पृथक से धारा जोड़ने की मांग की है।


इसके साथ ही मीडिया काउंसिल, नए वेज बोर्ड के गठन और महिला पत्रकारों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रस्ताव पारित किए।

होटल इलापुरम में 6 सितंबर (शनिवार) को शुरू हुई बैठक में पत्रकारों की समस्याओं पर गहन चर्चा हुई। इस संबंध में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संविधान में और अधिक स्पष्ट तथा व्याख्यायित करने की मांग की गई। यूनियन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मीडिया की स्वतंत्रता के लिए संविधान में संशोधन लाने की मांग की।

प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से अनुरोध किया गया कि धारा 19(1) ए में नागरिकों को मौलिक अधिकार के साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की गई है। मीडिया को भी इसी धारा में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। जबकि मीडिया की स्वतंत्रता के लिए पृथक धारा जोड़कर उसका उल्लेख किया जाना चाहिए। इसके लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है आता: भारत सरकार संविधान संशोधन लाए।


इस प्रस्ताव पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा, महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी, उपाध्यक्ष उमेश चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष अशोक मालिक, रवींद्र वाजपेई, राकेश प्रवीर, राजीव शुक्ल, हरेश वशिष्ठ, बलदेव शर्मा, सर्वेश कुमार सिंह, नागेश्वर राव , दीपक कुमार,सौरभ दुबे ने चर्चा में भाग लिया।

बैठक में महिला पत्रकारों की समस्याओं और उनको समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। महिला पत्रकारों की मीडिया में भूमिका और स्थिति पर कविता राज ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा मीडिया में महिला पत्रकारों से भेदभाव समाप्त होना चाहिए। महिला पत्रकारों को मुख्य भूमिका में रखा जाना चाहिए।

संस्थान में निर्णय लेने, कार्य क्षेत्र में बगैर भेदभाव के अवसर दिए जाने, पुरुष पत्रकारों के मुकाबले वेतन विसंगति दूर किए जाने, प्रोन्नति के समान अवसर और आवश्यक अवकाश, कार्य स्थल पर सम्मान और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाना चाहिए। सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किए गए।

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