जीएसटी सुधार: आम आदमी के लिए बड़ी राहत

नई दिल्ली में हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य आम आदमी को राहत प्रदान करना और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अब जीएसटी स्लैब को सरल बनाया गया है, जिसमें केवल दो मुख्य स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे। विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है। यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होगा।

नए जीएसटी स्लैब

अब जीएसटी स्लैब को सरल बनाया गया है, जिसमें केवल दो मुख्य स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे। विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है। यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होगा।

जीएसटी दरों में कटौती:

  • हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • दूध, ब्रेड, छेना और पनीर जैसी वस्तुओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है।
  • खाद्य पदार्थ जैसे नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी पर जीएसटी 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

जीएसटी दरों में बदलाव:

  • एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गया है।
  • कृषि सामान जैसे ट्रैक्टर, मिट्टी तैयार करने या खेती के लिए कृषि मशीनें पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती

  • हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट जैसी वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • दूध, ब्रेड, छेना और पनीर जैसी वस्तुओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है।
  • सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी शून्य होगा।

जीएसटी दरों में बदलाव

  • खाद्य पदार्थ जैसे नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी पर जीएसटी 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिलें पर जीएसटी 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है।

कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र को लाभ

  • कृषि सामान जैसे ट्रैक्टर, मिट्टी तैयार करने या खेती के लिए कृषि मशीनें पर जीएसटी 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • 12 निर्दिष्ट जैव-कीटनाशकों पर जीएसटी को 5 प्रतिशत किया गया है।

मोदी सरकार ने जीएसटी स्लैब की दरों में किए बदलाव, विशेषज्ञ इसे देर से लिया गया सही फैसला मान रहे हैं…जीएसटी काउंसिल की बैठक में मोदी सरकार ने जीएसटी के 4 स्लैब दरों को हटाते हुए अब 5 और 18% जीएसटी लगाने की घोषणा की है।किसी भी विकासशील देश में उसके उद्यमियों को सरकार से राहत की उम्मीद होती है।लेकिन देश में अधिकतम 28% की जीएसटी दरें देश के कम पूंजी वाले उद्यमों को बुरी तरह से प्रभावित कर चुकी थी।।अमेरिका द्वारा 50% का टैरिफ लगाने के बाद घरेलू अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन की तत्काल जरूरत है।इसी जीएसटी स्लैब दरों के लागू होने के बाद देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी उसे गब्बर सिंह टैक्स का नाम देते थे।देर से सही लेकिन मोदी सरकार ने इसे बदलने का जो निर्णय लिया है।उम्मीद है कि वह घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला साबित होगा।बाजार में विदेशी निवेश और करेंसी को बढ़ावा देने वाला यह निर्णय अमेरिका के टैरिफ टेरर को कुछ हद तक कम करेगा।

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