सम्भल परिक्रमा मार्ग में महर्षि दाधीचि के आश्रम को शामिल करने और पक्के रास्ते से जोड़ने की प्रशासन से अपील

लव इंडिया, संभल। कल्कि देव तीर्थ समिति के सदस्य श्री संजय कुमार गुप्ता के साथ 5 सदस्य टीम ने महर्षि दधीचि जी के आश्रम पर भ्रमण किया। संजय कुमार गुप्ता जी ने आश्रम पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के साथ साथ आश्रम के महंत चरन गिरी से धार्मिक चर्चा वार्ता की गई। इस धार्मिक चर्चा/ वार्ता में संजय कुमार गुप्ता ने सम्भल परिक्रमा मार्ग में इस महर्षि दाधीचि के आश्रम को जोड़ने के लिए एवं हर तरफ से आश्रम को पक्के रास्ते से जोड़ने के लिए प्रशासन से अपील की।

महंत चरन गिरी ने बताया कि दीपावली से दो दिन पहले आश्रम पर बहुत बड़ा मेला लगता है एवं ज्येष्ठ की पूर्णिमा पर हर साल भंडारा का आयोजन किया जाता है। राकेश वार्ष्णेय जी ने बताया कि सम्भल परिक्रमा मार्ग भवानीपुर मंदिर से चंद्रेश्वर महादेव तक जाता है जबकि परिक्रमा मार्ग को भवानीपुर से दाधीचि आश्रम से होकर चंद्रेश्वर महादेव मंदिर तक जाना चाहिए।

इंजीनियर अमित पंवार ने महर्षि दधीचि जी आश्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इंद्र भगवान जी ने वृत्रासुर राक्षस का बध महर्षि दधीचि की हड्डियों से बने वज्र से ही किया था। राजीव यादव ने बताया कि महर्षि दधीचि से चंद्रेश्वर महादेव तक जाने के लिए बस थोड़ी से पुलिया का निर्माण होने की आवश्यकता है एवं इस आश्रम पर प्रशासन को अधिक से अधिक कार्य कराए जाने की आवश्यकता है।

महेंद्र स्वामी ने बताया कि बहुत ही शांतप्रिय एवं रमणीक स्थान है और इस तीर्थ की सभी जमीन प्रशासन को खाली करानी चाहिए। श्रीश पुठिया जी ने बताया कि महर्षि दधीचि का आश्रम उत्तर प्रदेश में अपने आप में इकलौता आश्रम है एवं इनकी बजह से ही सम्भल की परिक्रमा की शुरुआत की गई थी। अंत में संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि इस विषय को मजबूती के साथ प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा और इस विषय की पूरी तरह से पैरवी की जाएगी।

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