कारोबारी को फर्जी दस्तावेजों से कराई रजिस्ट्री, सास- दामाद व काजीपुरा के प्रॉपर्टी डीलर समेत चार पर मुकदमा

10.84 लाख रुपये की कृषि भूमि खरीद में धोखाधड़ी का आरोप
-पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी

लव इंडिया, मुरादाबाद। कृषि भूमि खरीद के नाम पर कथित रूप से 10.84 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एक प्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

राधाकुंज, आशियाना फेज-2 निवासी शुभम बंसल ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि कृषि भूमि खरीदने के लिए उन्होंने और उनके भाई अर्पित बंसल ने प्रॉपर्टी डीलर रुस्तम अली निवासी काजीपुरा से संपर्क किया। आरोप है कि रुस्तम अली ने अपने साथी नावेद के माध्यम से ग्राम मुर्कबपुर (एहतमाली) स्थित कृषि भूमि को बेचने का प्रस्ताव दिया और भूमि की स्वामिनी के रूप में श्रीमती कमला निवासी नबावपुरा को बताया।
शिकायत में कहा गया है कि कमला ने स्वयं को भूमि का मालिक बताते हुए खतौनी दिखाई और अपने दामाद खानचंद सैनी – निवासी एफ-180, भोला सिंह की मिलक, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश से भी मिलवाया। आरोप है कि सभी ने मिलकर भरोसा दिलाया कि भूमि विवाद एवं सीलिंग से मुक्त है। इसके बाद 15 फरवरी 2025 को 0.2830 हेक्टेयर भूमि का पंजीकृत विक्रय विलेख 10,84,000 रुपये में कराया गया।

बाद में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान तहसील से जानकारी मिली कि संबंधित भूमि में विक्रेता कमला का कोई स्वामित्व हिस्सा नहीं है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि का विक्रय कराया और बाद में रकम लौटाने का आश्वासन देकर टालमटोल करते रहे। आरोप है कि 15 जुलाई 2026 को रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया तथा गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

इस संबंध में प्रॉपर्टी डीलर रुस्तम अली ने बताया कि यह मामला पूरी तरह सही है और वह भी इस प्रयास में लगे हैं कि कारोबारी की रकम किसी तरह का वापस कराई जा सके। कहा कि उन्हें इस मामले में घसीटा पूरी तरह निराधार है।

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