IDFC First Bank में ऐसा क्या हुआ जो एक कर्मी ने खा लिया कीटनाशक और दूसरा डिप्रेशन में

लव इंडिया मुरादाबाद। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत के बाद दिल्ली रोड स्थित आईडीएफसी फास्ट बैंक चर्चा में है क्योंकि बैंक में ऐसा क्या हुआ जो तो कर्मचारी डिप्रेशन में आ गए और एक में कीटनाशक खा लिया।

मुरादाबाद में दिल्ली रोड पर IDFC First Bank (Moradabad MBL Delhi Road Gold Loan) शाखा है। इसमें ग्राहकों का सोना व सोने के आभूषण Evaluation करने के बाद, ग्राहक के सामने ही सील पैक किए जाते हैं और पैकेट के अन्दर एक पेपर रखा जाता है। जिसमें पैकेट के अन्दर गिरवी रखे गये सामान Gold की समस्त जानकारी होती थी एवं ग्राहक तथा बैंक कर्मी के हस्ताक्षर होते हैं और ग्राहक के साथ उस पैकेट की फोटोग्राफी भी की जाती थी। कुल मिलाकर Gold बैंक द्वारा ग्राहकों को दिये गये Loan के Against Security के रूप में स्ट्रांग रूम के लॉकर में रखे जाते हैं। मगर इस सब के बीच IDFC कर्मी पवन सैनी ने 12 जुलाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद को प्रार्थना पत्र दिया है। इसके बाद बैंक कर्मियों में खलबली मची हुई। असल में इस बैंक में निजाम लोकल हेड है जबकि पवन सैनी और सूरज सैनी सैनी अन्य काम देखते हैं।

दिनांक 04.07.2025 को निजाम “Location Head” ने समय 13:00 बजे से 20:30 तब स्ट्रांग रूम खोल कर गिरवी रखे सोने के आभूषणों की जांच की बात करके हम दोनों से चाबी लेकर अन्दर गया, (चाबी एक्सचेन्ज करने का रजिस्टर भी अब गायब है) उक्त निजाम ने प्रार्थी एवं सूरज को अलग अलग काम करने का निर्देश दे दिया। बैंक में ग्राहक आने-जाने के कारण प्रार्थी एवं सूरज स्ट्रांग रूम वापस नहीं आ सके। इसी बीच समय करीब 15:00 बजे इलेक्ट्रिक फाल्ट होने के कारण कारण स्ट्रांग रूम में लगे CCTV Camera भी बन्द हो गये जो कि अगले दिन दिनांक 05.07.2025 को समय 15:00 बजे सही हो सके। इससे पूर्व दिनांक 21.06.2025 को शाखा में स्टॉग रूम के लॉकर में रखे गये गोल्ड का ऑडिट किया गया था जिसके अनुसार समस्त पैकेट सही प्रकार से सील बन्द एवं पूर्ण पाये गये थे।

उक्त बात की शिकायत पवन ने मौखिक रूप से उच्च अधिकारियों को की गई जिसके उपरांत बाहर से 05 जुलाई 2025 को आये अधिकारियों ने फिर से स्ट्रांग रूम में रखे पैकेट की गिनती की। जिसमें कुल 6 (छ) पैकेट कम पाये गये। इस प्रकार बैंक में रखे सोने के पैकेट गायब हो गये।

बकौल पवन सैनी एसपी को दिए गए पत् पत्र के अनुसार के अब पवन को पता चला है कि कि निजाम “Location Head” तथा निपेक्ष State Head” तथा आदित्य “Area Seles Manager” ने सभी सील बन्द पैकेटों को खोल दिया है तथा उनमें रखे आभूषणों को निकाल कर, हटा कर गायब कर दिया है, तथा उसमें रखे रैपर से भी छेड़-छाड कर दिया है। जबकि जैबर जब गिरवी रखे जाते है तो उनके पैकेट को ग्राहकों से हस्ताक्षर कराकर सील किया जाता है।

निजाम “Location Head “एवं निपेक्ष “State Head” तथा आदित्य “Area Seles Manager” 05 जुलाई 2025 की रात्रि लगभग 09-10 बजे के बीच प्रार्थी को सफेद कलर की Kia गाड़ी से, प्रार्थी को एवं सूरज को जबरदस्ती घर से उठा कर ले आये। इन लोगों ने प्रार्थी व सूरज को बहुत अधिक टॉर्चर किया, जेल भेजने की धमकी दी. डराया धमकाया और कहा कि तुम मुझे 90 लाख रुपए दो क्योंकि बैंक से कई चीज गायब हो गई है उसके बाद इन्होंने रात्रि 01 बजे तक टौर्चर करके और सादे कागज पर अपनी मनचाही बातें लिखवाते रहे और चले गए। मैं (पवन) और सूरज काफी डिप्रेशन में आ गये समझ में नहीं आ रहा था… क्या करें और इस डिप्रेशन में आकर सूरज ने गलत कदम उठा लिया और पॉइजन खा लिया जिसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। मेरे घर वालों ने समझाया उसके बाद में अपने परिवार वालें के बताने पर एक शिकायत जांच हेतु मैं आपको (SSP) इस पत्र के माध्यम से भेज रहा हूँ।

भेजे गए पत्र के अनुसार उपरोक्त सोना गायब किये जाने के प्रकरण में निजाम “Location Head के साथ-साथ उक्त दोनों State Head व “Area Seles Manager”भी शामिल है। इन लोगों के द्वारा मेरे व सूरज के परिवार को इतना अधिक टार्चर कर दिया है कि हम अपने परिवार के साथ सामुहिक आत्महत्या करने के लिए मजबूर है जिसकी समस्त जिम्मेदार बैंक के इन समस्त अधिकारियों की होगी।अतः निवेदन है कि थाना मझोला की पुलिस को उपरोक्त मामले की जांच करने एवं प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किये जाने के निर्देश पारित करने की कृपा करें।

इस पूरे मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के लोकल हेड निजाम से बात की गई तो उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों से बातचीत करने के बाद जानकारी देने को कहा लेकिन इसके बाद उन्होंने किसी भी तरह की कोई टिप्पणी या बातचीत नहीं की।

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