Sambhal में मिलावट और ओवररेटिंग पर शिकंजा: Guru Sweets पर छापा, रसमलाई और बूंदी के लड्डुओं के नमूने सील, ग्राहकों से MRP से अधिक वसूली का भी खुलासा

लव इंडिया संभल। संभल में खाद्य पदार्थों में मिलावट और उपभोक्ताओं से ओवररेटिंग वसूलने वालों के खिलाफ प्रशासन ने एक साथ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ओर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मशहूर गुरु स्वीट्स पर छापेमारी कर रसमलाई और बूंदी के लड्डुओं के नमूने जांच के लिए सील किए, वहीं दूसरी ओर बाट-माप विभाग की कार्रवाई में कई दुकानदार ग्राहकों से बोतलबंद पानी पर निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलते पकड़े गए।

गुरु स्वीट्स में गंदगी और लापरवाही पर कार्रवाई

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश तथा जिलाधिकारी के आदेश पर प्रवर्तन दल ने आर्य समाज रोड स्थित मैसर्स गुरु स्वीट्स का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारी बिना ग्लव्स, एप्रन और हेडगियर के काम करते मिले, जिसे खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना गया।

रसमलाई और लड्डू के नमूने जांच के लिए भेजे

निरीक्षण के दौरान टीम को बिक्री के लिए रखी रसमलाई और बूंदी के लड्डुओं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। इसके बाद दोनों खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 32 के तहत प्रतिष्ठान संचालक को सुधार नोटिस भी जारी किया गया है।

ग्राहक बनकर पहुंचे निरीक्षक, ओवररेटिंग का खुलासा

इसी अभियान के तहत बाट-माप विभाग के निरीक्षक ने ग्राहक बनकर बहजोई के बाजार में जांच की। अलग-अलग दुकानों से पानी की बोतलें खरीदकर मूल्य की जांच की गई।

जांच में 12 दुकानों में से 6 दुकानदार निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलते मिले। अधिकारियों ने मौके पर साक्ष्य एकत्र कर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।

प्रशासन की चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग और बाट-माप विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट, गंदगी और उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलने जैसी अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि यदि कहीं मिलावट, गंदगी या एमआरपी से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत मिले तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।

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