पर्युषण पर्व के अंतिम दिन मनाया उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म, 1008 दीपों से हुई भक्तामर दीप आराधना


लव इंडिया, मुरादाबाद। रामगंगा विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के दशम एवं अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना और धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजित किए गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्रीजी की शांतिधारा, विधान, प्रवचन, आरती और भक्तामर दीप आराधना में भाग लिया।


दो परिवारों को मिला प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य


उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के अवसर पर श्रीजी की प्रथम शांतिधारा करने का पुण्यार्जन का सौभाग्य श्री सजल जैन, श्रीमती पूजा जैन, चि. सिद्ध जैन एवं चि. सम्यक जैन परिवार तथा श्री अमित जैन, श्रीमती शिवानी जैन, चि. पुष्प जैन एवं चि. पर्व जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
वहीं, आज के विधानकर्ता परिवार के रूप में श्री सर्वोदय जैन, श्रीमती रजनी जैन तथा श्री बलराज जैन, श्रीमती अंजलि जैन, आदित्य जैन और प्राची जैन परिवार शामिल रहे।


ब्रह्मचर्य केवल तन का संयम नहीं : भद्रबाहु सागर जी महाराज


धार्मिक आयोजन के दौरान आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी महाराज ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य केवल तन का संयम नहीं, बल्कि मन, वचन और भावों की पवित्रता का नाम है। जो व्यक्ति अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करता है, वही आत्मा की सच्ची शांति प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य मनुष्य को यह संदेश देता है कि वास्तविक सुख बाहरी आकर्षण में नहीं, बल्कि आंतरिक संयम, आत्मशुद्धि और सकारात्मक भावों में है।


1008 दीपों से हुई भक्तामर दीप आराधना


शाम को मंदिर परिसर में भक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगीतकार द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। इसके बाद भक्तिपूर्ण आरती की गई।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 1008 दीपकों से भक्तामर दीप आराधना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दीप आराधना में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।

पर्युषण पर्व के अंतिम दिन मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के संदेश को आत्मसात करने और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद


कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष संदीप जैन, मंत्री नीरज जैन, उपाध्यक्ष सजल जैन, महिला अध्यक्ष सुषमा जैन, उपाध्यक्ष छवि जैन और कोषाध्यक्ष रीमा जैन सहित अन्य पदाधिकारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
इस अवसर पर शुभ्रा जैन, शशि जैन, उषा जैन, निधि जैन, मधु जैन, पारुल जैन, अनुज जैन, राहुल जैन, अनवय जैन, मोहित जैन, सीमा जैन, अभिषेक जैन, संजू जैन और प्रवेश जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।

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