प्रत्येक तीर्थ को जाने वाले रास्ते हों पक्के व रमणीक: अजय शर्मा

सम्भल। इतिहास संकलन समिति की बैठक में सदस्यों ने संभल के 68 तीर्थ 19 कूपों का सौंदर्यकरण करने के साथ-साथ उन तीर्थ-कूपों पर जाने वाले मार्गों को पक्का, सुंदर और रमणीक बनाने की मांग की है।

कल्कि वाटिका कोट पूर्वी में इतिहास संकलन समिति द्वारा आयोजित इतिहास दिवस कार्यक्रम में संस्था के जिला अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने कहा कि दैवीय शक्तियों द्वारा स्थापित संभल के सभी 68 तीर्थ 19 कूपों का जीर्णोद्धार तेज गति से होना चाहिए और प्रत्येक तीर्थ और कूप पर जाने वाला मार्ग पक्का, सुंदर और रमणीक होना चाहिए। प्रत्येक तीर्थ की देखरेख, सुविधा और चिंता करने के लिए ट्रस्ट का गठन होना चाहिए। प्रत्येक तीर्थ और कूप पर महंत और पुजारी को व्यवस्था संभालनी चाहिए। उस महंत, पुजारी, पुरोहित का शासन से मानदेय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

जिला महिला प्रमुख मीनू रस्तोगी ने संभल के ऐतिहासिक, पौराणिक, आध्यात्मिक महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि संभल की पहचान कल्कि मंदिर, हरिहर मंदिर और पृथ्वीराज चौहान से है। इस बात को ध्यान में रखते हुए यहां का विकास होना चाहिए।

जिला महामंत्री सुबोध कुमार गुप्ता ने संभल तीर्थ परिक्रमा के मार्ग निर्माण में तेजी लाने, सभी 68 तीर्थों का जीर्णोद्धार करने, तीर्थों पर जाने वाले मार्गों को विकसित करने, संभल आने वाली सभी सड़कों पर प्रवेश द्वार बनाने, प्रत्येक तीर्थ और कूपों पर महंत नियुक्त करके सरकार द्वारा उनका मानदेय सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने तथा जिला प्रशासन को ज्ञापन देने की बात कही।

इतिहास संकलन समिति द्वारा आयोजित इतिहास दिवस कार्यक्रम में अरविंद शंकर शुक्ला, नीरू चाहल, सुभाष चंद्र मोंगिया, मनीष चौधरी, सत्यवीर सिंह, दुर्वेश सैनी, अतुल कुमार शर्मा, नेहा मलय, अत्यंत त्यागी, वैभव गुप्ता, अंकुश त्यागी, पंकज सांख्यधर आदि अनेक सदस्यों ने संभल के ऐतिहासिक, पौराणिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय कुमार शर्मा ने की और संचालन निलेश यादव ने किया।

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