उपभोक्ता आयोग के आदेश की अवहेलना पर लकी ड्रॉ संचालक डेढ़ माह से जेल में

संभल में बचत योजना के नाम पर रकम जमा कराने का मामला, उपभोक्ता आयोग ने 36 हजार रुपये ब्याज सहित और 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का दिया था आदेश

लव इंडिया, संभल। बचत योजना में जमा रकम वापस नहीं करने और जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन न करने के मामले में लकी ड्रॉ संचालक जितेंद्र कुमार जिला कारागार में निरुद्ध है। थाना बनियाठेर पुलिस ने गैर जमानती वारंट के अनुपालन में उसे गिरफ्तार कर 19 अगस्त 2026 को जिला उपभोक्ता आयोग, संभल के समक्ष पेश किया था। आयोग के आदेश का अनुपालन नहीं होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार, संचालक ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की है।

39,100 रुपये जमा कराने के बाद रकम वापस नहीं मिलने की शिकायत

उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार, गांव मंझावली, तहसील चंदौसी निवासी जितेंद्र पुत्र रामपाल उर्फ रामसिंह ने ‘नसीब अपना अपना न्यू सैनी लकी ड्रॉ’ नाम से बचत योजना शुरू की थी। योजना के प्रचार के दौरान गांव के लोगों को बताया गया था कि इसमें 300 सदस्य होंगे और ड्रॉ की अवधि 40 महीने रहेगी। योजना पूरी होने पर प्रत्येक सदस्य को बाइक देने अथवा 1,200 रुपये काटकर जमा धनराशि वापस करने की बात कही गई थी।

इसी योजना में कामेश गिरी उर्फ भूरे गिरी ने भी 39,100 रुपये जमा कराए। शिकायत के अनुसार, ड्रॉ की अवधि पूरी होने के बाद संचालक ने कार्यालय बंद कर दिया और जमाकर्ता को उसकी रकम वापस नहीं मिली।

इसके बाद जमाकर्ता ने अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग, संभल में परिवाद दाखिल किया।

36 हजार रुपये ब्याज सहित देने का आदेश

अधिवक्ता के मुताबिक, जिला उपभोक्ता आयोग ने 14 जून 2023 को आदेश दिया कि लकी ड्रॉ संचालक दो महीने के भीतर 36,000 रुपये पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। इसके अलावा 15,000 रुपये क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में देने का भी आदेश दिया गया था।

आरोप है कि निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद आयोग ने गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए। थाना बनियाठेर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया और 19 अगस्त 2026 को आयोग के समक्ष पेश किया। इसके बाद उसे जिला कारागार मुरादाबाद भेज दिया गया।

गिरफ्तारी को उच्च न्यायालय में दी चुनौती

अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार, लकी ड्रॉ संचालक पिछले करीब डेढ़ माह से जेल में निरुद्ध है। उसने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की है। मामले में उच्च न्यायालय की कार्यवाही और याचिका पर आदेश की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अधिवक्ता ने कहा कि उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन नहीं होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इस धारा के अंतर्गत आदेश का अनुपालन न करने पर एक महीने से तीन वर्ष तक के कारावास, 25 हजार से एक लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है।

मामले में आगे की कार्रवाई जिला उपभोक्ता आयोग और उच्च न्यायालय की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

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