TMU के एग्रीकल्चर कॉलेज का जैविक विकल्प ऊर्जा संग MoU

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के स्टुडेंट्स जैविक समाधानों का परीक्षण, सत्यापन के संग-संग टिकाऊपन, मृदा स्वास्थ्य एवम् आत्मनिर्भरता को काश्तकारों तक पहुचाएंगे

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ ने संपीड़ित बायोगैस- सीबीजी और जैविक उर्वरक उत्पादक संस्था- जैविक विकल्प ऊर्जा एलएलपी के संग एमओयू किया है। एमओयू पर टीएमयू की ओर से डीन अकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, जबकि जैविक विकल्प ऊर्जा एलएलपी की ओर से निदेशक श्री पुलकित वार्ष्णेय ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर वीसी प्रो. वीके जैन के संग-संग एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रो. प्रवीण कुमार जैन, एसोसिएट डीन अकेडमिक्स डॉ. अमित कंसल, सीनियर फैकल्टी डॉ. गणेश दत्त भट्ट, असिस्टेंट डायरेक्टर अकेडमिक्स डॉ. नेहा आनन्द आदि की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। एमओयू के तहत यूनिवर्सिटी की प्रयोगशालाओं में तरल किण्वित जैविक खाद- एलएफओएम और किण्वित जैविक खाद-एफओएम के परीक्षण और विभिन्न फसलों पर इसके प्रभाव का अध्ययन होगा। जैविक खाद की प्रभावकारिता और निवेश पर प्रतिफल का परंपरागत रासायनिक उर्वरकों से तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।

एमओयू के तहत टीएमयू के स्टुडेंट्स को जैविक विकल्प के सीबीजी और उर्वरक संयंत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप आदि प्रदान की जाएगी। स्टुडेंट्स आसपास के गांवों में किसानों के बीच जैविक उर्वरकों और हरित ऊर्जा के उपयोग का प्रचार-प्रसार कर आत्मनिर्भर भारत अभियान में योगदान देंगे। टीएमयू की डीन अकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने कहा, यह एमओयू कक्षा अधिगम को उद्योग एवम् प्रक्षेत्र की वास्तविकताओं से जोड़ता है। हमारे स्टुडेंट्स जैविक समाधानों का परीक्षण, सत्यापन करेंगे और टिकाऊपन, मृदा स्वास्थ्य एवम् आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाते हुए किसानों तक पहुचाएंगे। एलएलपी के निदेशक श्री पुलकित वार्ष्णेय ने कहा, यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाले स्वतंत्र परीक्षण हमारे एलएफओएम एवम् एफओएम पर किसानों को विश्वसनीय आँकड़े देंगे। हम अपने संयंत्र में टीएमयू स्टुडेंट्स के स्वागत हेतु उत्सुक हैं। एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रो. प्रवीण कुमार जैन ने कहा, यह एमओयू एग्रीकल्चर स्टुडेंट्स, फैकल्टीज़ और शोधकर्ताओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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