घरेलू विवाद में महिला पर तेजाब फेंकने वाले तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा, 31,500 रुपये जुर्माना



लव इंडिया, मुरादाबाद
। किसी की जिंदगी बर्बाद करने के इरादे से किया गया तेजाब हमला आखिरकार हमलावरों पर ही भारी पड़ गया। मुरादाबाद की अदालत ने घरेलू विवाद से जुड़े मामले में महिला पर तेजाब फेंकने के दोषी पाए गए तीन आरोपियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 31,500-31,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


यह फैसला एडीजे-01 अनिल कुमार की अदालत ने सुनाया। मामला मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव ठकिया जुमा से संबंधित है। घटना करीब तीन वर्ष पहले हुई थी और पुलिस की विवेचना तथा अभियोजन की पैरवी के बाद अब अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।


घर के बाहर काम कर रही थी महिला, तभी किया हमला


मामला 11 अप्रैल 2023 का है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता शहनाज पत्नी तासीर अपने घर के बाहर घरेलू काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के ही तीन लोगों—वसीम पुत्र स्वर्गीय तस्लीम, दानिश पुत्र स्वर्गीय तस्लीम और फतेह पुत्र मुस्तकीम—ने उस पर हमला कर दिया।
बताया गया कि आरोपियों और महिला के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि हमले से पहले आरोपियों ने महिला के साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की। महिला ने इसका विरोध किया तो मामला और बढ़ गया।
इसके बाद आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की और उस पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब के हमले से महिला गंभीर रूप से झुलस गई।


पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा


घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर कुंदरकी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 85/2023 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504 और 326ए के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, थाना कुंदरकी के तत्कालीन उपनिरीक्षक विजय सिंह ने मामले की विवेचना की और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के साथ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की।


अदालत में पेश किए गए साक्ष्य


मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता राजीव कौशिक ने पैरवी की। पुलिस की ओर से भी मामले से जुड़े गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया।
कुंदरकी थाने के पैरवीकार हेड कांस्टेबल रामबहादुर ने भी गवाहों को समय पर अदालत में पेश कराने में भूमिका निभाई।
अभियोजन की ओर से अदालत में घटना से संबंधित साक्ष्यों और गवाहों को प्रस्तुत किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया।


तीनों आरोपियों को दोषी माना


अदालत ने सुनवाई के बाद वसीम, दानिश और फतेह को गंभीर अपराध का दोषी माना। अदालत ने तीनों को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 31,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
इस तरह अदालत के फैसले के बाद तीनों दोषियों को आने वाले वर्षों का एक बड़ा हिस्सा जेल में बिताना होगा।


करीब तीन साल बाद मिला फैसला


इस मामले में घटना अप्रैल 2023 में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया। करीब तीन साल के भीतर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों तथा गवाहों की गवाही महत्वपूर्ण रही।


तेजाब हमला गंभीर अपराध


तेजाब से हमला किसी व्यक्ति को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के साथ उसके सामान्य जीवन को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में कानून में कठोर सजा का प्रावधान है।
इस मामले में भी अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है।

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