SBI Life Insurance: बीमा क्लेम में देरी पड़ी भारी, दो लाख के बीमा पर कंपनी को 50 हजार का जुर्माना


लव इंडिया, संभल। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा राशि रोके जाने का मामला जिला उपभोक्ता आयोग में बीमा कंपनी के लिए महंगा साबित हुआ। आयोग ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को बीमाधारक के नामित को दो लाख रुपये बीमा राशि के साथ जुर्माना व अन्य खर्च अदा करने का आदेश दिया है।


✍️क्या है मामला


गांव अतरासी निवासी रामगोपाल के भाई महिपाल का भारतीय स्टेट बैंक, पंवासा शाखा में बचत खाता था। महिपाल ने अपने जीवनकाल में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा कराया था। महिपाल की मृत्यु 20 जनवरी 2023 को हो गई थी। बीमा पॉलिसी में उनके भाई रामगोपाल नामित थे।


बीमा कंपनी ने क्यों रोका भुगतान


मृत्यु के बाद रामगोपाल ने सभी आवश्यक दस्तावेज बैंक और बीमा कंपनी को उपलब्ध कराए, लेकिन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने मृत्यु प्रमाण पत्र को संदिग्ध बताते हुए बीमा राशि देने से इनकार कर दिया।


आयोग में चली दलील

मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने आयोग को बताया कि प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण पत्र सरकारी रिकॉर्ड से जारी है और इसे ऑनलाइन सत्यापित भी किया जा सकता है। बीमा राशि न देने के पीछे कंपनी के आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं।


आयोग का फैसला


दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी दो माह के भीतर रामगोपाल को ₹2,00,000 की बीमा राशि परिवाद दायर करने की तिथि से 9% वार्षिक ब्याज सहित अदा करे। इसके अलावा मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में ₹50,000 तथा ₹5,000 वाद व्यय भी देने होंगे।

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