कर्नाटक में हिजाब को अनुमति, भगवा शॉल पर रोक: सिद्धारमैया सरकार के फैसले से फिर गरमाई सियासत

कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला


बेंगलुरु। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 2022 में जारी विवादित हिजाब प्रतिबंध आदेश को वापस लेते हुए शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने की अनुमति दे दी है। हालांकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया है कि भगवा शॉल (Saffron Shawls) की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में एक बार फिर हिजाब बनाम भगवा शॉल विवाद राजनीतिक मुद्दा बन गया है।


क्या है नया आदेश


कर्नाटक सरकार ने 13 मई 2026 को नया आदेश जारी कर 5 फरवरी 2022 के उस आदेश को वापस ले लिया, जिसे तत्कालीन भाजपा सरकार ने लागू किया था। उस आदेश के तहत स्कूल-कॉलेजों में यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पर प्रभावी रोक लग गई थी।
नई गाइडलाइन के अनुसार छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म के साथ हिजाब, जनेऊ, रुद्राक्ष, पगड़ी, शिवधारा जैसे “सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीक” पहन सकेंगे।


भगवा शॉल पर क्या कहा


मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 14 मई 2026 को स्पष्ट कहा:
“भगवा शॉल की अनुमति नहीं होगी। नई प्रथाएं लागू नहीं की जा सकतीं।”
उन्होंने कहा कि केवल वही धार्मिक परंपराएं जारी रहेंगी जो पहले से प्रचलन में हैं। सरकार का तर्क है कि भगवा शॉल को पहले राजनीतिक विरोध के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया था।


भाजपा ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप


सरकार के फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने इसे “वोट बैंक राजनीति” और “तुष्टिकरण” करार दिया। कुछ हिंदू संगठनों ने सवाल उठाया कि यदि हिजाब की अनुमति दी जा रही है तो भगवा शॉल पर रोक क्यों लगाई गई है।


2022 में कैसे शुरू हुआ था विवाद


कर्नाटक में हिजाब विवाद 2022 में शुरू हुआ था जब कुछ कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं को प्रवेश से रोका गया। इसके विरोध में कुछ हिंदू छात्र भगवा शॉल पहनकर कॉलेज पहुंचने लगे थे। बाद में भाजपा सरकार ने ड्रेस कोड वाला आदेश जारी किया था। यह मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था और पूरे देश में बड़ा राजनीतिक व सामाजिक मुद्दा बना था।

अब क्या होगा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के फैसले से फिर राजनीतिक बहस तेज होगी। स्कूल-कॉलेजों में ड्रेस कोड पर नया विवाद खड़ा हो सकता है।भाजपा और कांग्रेस के बीच यह मुद्दा आने वाले चुनावों में भी उठ सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

हिजाब पर पूर्ण राष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं था। यह फैसला केवल कर्नाटक के शिक्षण संस्थानों से जुड़ा है। नया आदेश अभी राज्य के स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों पर लागू होगा।

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