संभल में सपा सांसद के आवास के बाहर महिलाओं का धरना: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के विरोध पर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन

लव इंडिया, संभल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को लेकर देश की राजनीति में जारी घमासान अब सड़कों तक पहुंच गया है। संभल में भारतीय जनता पार्टी की महिला विंग ने समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान वर्क के आवास के निकट धरना-प्रदर्शन कर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल का विरोध कर विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान का अपमान किया है।


दीपा सराय क्षेत्र में आयोजित इस क्रमिक धरने में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी और सम्मान देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है, जबकि विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं।


11 से 15 मई तक चलेगा विरोध अभियान


भाजपा महिला विंग की ओर से बताया गया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ 11 मई से 15 मई 2026 तक प्रदेशभर में क्रमिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। संभल में इसकी शुरुआत सपा सांसद जियाउर्रहमान वर्क के आवास के निकट विरोध प्रदर्शन से की गई।

धरना दोपहर 12 बजे शुरू हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। भाजपा नेताओं का कहना था कि महिला आरक्षण बिल वर्ष 2029 से लागू होना है और यह देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत करने वाला बड़ा कदम है।


“विपक्ष ने महिलाओं को कभी सम्मान नहीं दिया”


जिला महामंत्री शिल्पी गुप्ता ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की है। विश्व हिंदू परिषद की जिला संयोजक शालिनी रस्तोगी ने आरोप लगाया कि जब भाजपा सरकार महिलाओं को सम्मान और भागीदारी देने की दिशा में कदम उठा रही है, तब विपक्ष उसका विरोध कर रहा है।

विश्व हिंदू परिषद की जिला संयोजक शालिनी रस्तोगी ने कहा कि आज महिलाएं राजनीति, सेना, विज्ञान, खेल और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं। रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं हमेशा से शक्ति और साहस की प्रतीक रही हैं।


मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी बनी चर्चा का विषय


धरने में मुस्लिम महिलाओं की मौजूदगी भी विशेष चर्चा का केंद्र रही। भाजपा महिला मोर्चा ने इसे महिला अधिकारों के समर्थन का प्रतीक बताया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि महिला आरक्षण कानून महिलाओं को नई राजनीतिक पहचान देगा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करेगा।

ये महिलाएं रहीं मौजूद


धरना-प्रदर्शन में जिला महामंत्री शिल्पी गुप्ता,विश्व हिंदू परिषद की जिला संयोजक शालिनी रस्तोगी, मंडल अध्यक्ष पारुल शर्मा, मंजू रानी, निशि वार्ष्णेय, विमला अग्रवाल, शिप्रा त्यागी, शालिनी रस्तोगी, खुर्शीदा बेगम, नाजनीन, बुशरा, सोनम, कमलेश, मुन्नी, मीना, राजवती, नीलू, अंजली और शालिनी सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।

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