पश्चिम बंगाल के शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री और “महाभारत” की द्रौपदी होंगी उप-मुख्यमंत्री

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की चर्चा तेज, शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक बदलाव होने की चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया और कुछ अनौपचारिक राजनीतिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि भाजपा नेता Suvendu Adhikari को पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। साथ ही राज्य में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की भी चर्चाएं चल रही हैं।


हालांकि इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वायरल संदेशों में दावा किया जा रहा है कि भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के नामों की घोषणा हो सकती है।


सोशल मीडिया पोस्टों में यह भी कहा जा रहा है कि एक महिला नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि दूसरा उपमुख्यमंत्री उत्तर बंगाल क्षेत्र से हो सकता है। लेकिन इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और विपक्षी राजनीति के बीच इस तरह की चर्चाएं लगातार सामने आती रहती हैं।

कौन हैं शुभेंदु अधिकारी


Suvendu Adhikari पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं।
उनका जन्म पूर्व मेदिनीपुर जिले में हुआ।
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी।
शुरुआत में वे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे और ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते थे।
वर्ष 2020 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को कड़े मुकाबले में हराया था।
वर्तमान में वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी को भाजपा के मजबूत हिंदुत्व और संगठनात्मक रणनीति वाले नेताओं में गिना जाता है।

चर्चा में कौन-कौन से उपमुख्यमंत्री चेहरे


सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों में भाजपा की महिला नेता Roopa Ganguly का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए लिया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

रूपा गांगुली का संक्षिप्त परिचय


रूपा गांगुली प्रसिद्ध अभिनेत्री और भाजपा नेता हैं।
उन्होंने टीवी धारावाहिक “महाभारत” में द्रौपदी की भूमिका निभाकर देशभर में पहचान बनाई थी।
बाद में उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और भाजपा में शामिल हुईं।
वे राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं।
इसके अलावा उत्तर बंगाल या दार्जिलिंग क्षेत्र से किसी पुरुष विधायक को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

दार्जिलिंग क्षेत्र को पश्चिम बंगाल सरकार में कभी उपमुख्यमंत्री पद नहीं मिला

उपलब्ध राजनीतिक इतिहास के अनुसार दार्जिलिंग क्षेत्र को पश्चिम बंगाल सरकार में कभी उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) पद नहीं मिला है।
पश्चिम बंगाल में डिप्टी सीएम का पद खुद बहुत कम बार बना है। राज्य के इतिहास में अब तक केवल कुछ ही नेता इस पद पर रहे हैं, जिनमें Jyoti Basu, Bijoy Singh Nahar, Buddhadeb Bhattacharjee शामिल रहे हैं।
दार्जिलिंग और गोरखा बहुल इलाकों को लेकर अलग प्रशासनिक और राजनीतिक मांगें जरूर लंबे समय से उठती रही हैं, लेकिन वहां से किसी नेता को पश्चिम बंगाल का डिप्टी सीएम बनाए जाने का रिकॉर्ड अब तक नहीं मिलता।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही “दार्जिलिंग से डिप्टी CM” वाली चर्चा अगर सच साबित होती है, तो वह पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा। हालांकि अभी तक भाजपा या किसी आधिकारिक स्रोत ने ऐसे किसी डिप्टी सीएम नाम की पुष्टि नहीं की है।

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