लव इंडिया, मुरादाबाद। टीएमयू अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक अत्यंत जटिल और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को सफलतापूर्वक संभालते हुए चिकित्सा क्षेत्र में एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है। संभल जिले के ओबरी गांव निवासी मोहम्मद आलिम और उनकी पत्नी अमीना के यहां चार बच्चों का सुरक्षित जन्म हुआ, जिसमें सबसे खास बात यह रही कि सभी बच्चे अलग-अलग थैली सेपरेट सैक में थे और चारों डिलीवरी सामान्य नॉर्मल तरीके से हुईं। डॉक्टरों के अनुसार यह मामला बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण था।

टीएमयू अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि गर्भावस्था के दूसरे महीने में ही अल्ट्रासाउंड के दौरान यह स्पष्ट हो गया था कि महिला के गर्भ में चार बच्चे हैं। मामला अत्यधिक संवेदनशील और हाई रिस्क होने के कारण शुरुआती चरण में फीटल रिडक्शन की सलाह भी दी गई थी, लेकिन परिवार ने सभी बच्चों को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया। गर्भावस्था के दौरान महिला को लीवर और ब्लड प्रेशर संबंधी समस्याएं भी हुईं, जिसके चलते उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। लगभग हर 15 से 20 दिन में नियमित जांच और उपचार के लिए परिवार अस्पताल पहुंचता रहा।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार 8 मई को महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद 9 मई को पहला बच्चा, एक पुत्र, सामान्य डिलीवरी से जन्मा। जन्म के समय बच्चे का वजन लगभग 710 ग्राम था। वर्तमान में बच्चा स्वस्थ है और मां का दूध ले रहा है। उस समय डॉक्टरों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आगे की डिलीवरी को रोक दिया था क्योंकि गर्भावस्था लगभग साढ़े छह से सात महीने की अवस्था में थी।

इसके बाद कल रात महिला को पुनः दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद उन्हें तुरंत टीएमयू अस्पताल लाया गया। आज सुबह तीन और बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें एक पुत्र और दो पुत्रियां शामिल हैं। फिलहाल सभी नवजात डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इनमें से एक बच्चा पूरी तरह सामान्य बताया जा रहा है, जबकि दो बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

इस पूरे उपचार के दौरान अस्पताल डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. पूर्ति, डॉ. रोली, डॉ. मोनिका सहित अस्पताल के अनेक चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों ने लगातार सहयोग और निगरानी की। डॉक्टरों का कहना है कि यह केस मेडिकल दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन समय पर उपचार, निरंतर मॉनिटरिंग और परिवार के सहयोग से इसे सफल बनाया जा सका।

बच्चों के पिता किराना स्टोर संचालक मोहम्मद आलिम ने टीएमयू अस्पताल और डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शुरुआत से ही अस्पताल पर पूरा भरोसा था।

उन्होंने बताया कि उनकी बहन की डिलीवरी भी टीएमयू अस्पताल में हुई थी। जिसके बाद से उनका विश्वास और मजबूत हो गया। परिवार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान अमीना को काफी दर्द और परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन डॉक्टरों और पूरे परिवार के सहयोग से सब कुछ सफल हो सका।

महिला की बहन इमराना परवीन ने भी टीएमयू अस्पताल की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां समय पर उपचार, अच्छी दवाइयां और लगातार देखभाल मिली। परिवार के अनुसार डॉक्टरों और स्टाफ ने पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान हर संभव सहायता प्रदान की।

अस्पताल प्रशासन से डायरेक्टर अजय गर्ग, चीफ मैनेजर वैभव जैन और अनिल गुप्ता ने सभी का टीमवर्क, आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन और मरीज के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।

टीएमयू अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में मां और बच्चों दोनों की जान को गंभीर खतरा रहता है, लेकिन सही समय पर उपचार और सतत निगरानी से सकारात्मक परिणाम संभव हो सके। सबसे खास और दुर्लभ बात यह रही कि इतने जटिल हाई रिस्क केस में चारों बच्चों का जन्म नार्मल डिलीवरी से सफलतापूर्वक कराया गया, जो अपने आप में चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।