बच्चों को ‘कॉकरोच’ नहीं, स्वामी विवेकानंद और महर्षि दयानंद जैसा बनाएं: आचार्य प्रमोद कृष्णम



मुरादाबाद के दिव्यलोक आश्रम में महर्षि वेदव्यास अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल विद्यापीठ की स्थापना पर बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम, सद्गुरु सुधांशु महाराज की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

लव इंडिया, मुरादाबाद। कांठ रोड स्थित आशियाना कॉलोनी के दिव्यलोक आश्रम में महर्षि वेदव्यास अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल विद्यापीठ की स्थापना के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में परम पूज्य सद्गुरु सुधांशु महाराज ने सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। इस अवसर पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और गुरुकुल शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।


अपने संबोधन में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “अपने बच्चों को कॉकरोच नहीं, बल्कि स्वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद और महर्षि दधीचि जैसा बनाइए।” उन्होंने कहा कि यदि अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहें, चरित्रवान बनें और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन जिएं, तो उन्हें गुरुकुल शिक्षा की ओर प्रेरित करना चाहिए।


उन्होंने कहा कि गुरुकुल शिक्षा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना का भी विकास करती है। भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा ने विश्व को अनेक महान संत, ऋषि और राष्ट्रनिर्माता दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।


कार्यक्रम में परम पूज्य सद्गुरु सुधांशु महाराज, आचार्य प्रमोद कृष्णम, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैसिया, निर्यातक अजय गुप्ता, महेश अग्रवाल, सीए वैभव अग्रवाल, राकेश सिंघल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




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