मुरादाबाद को मिला नया अग्निशमन केंद्र, 18.30 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन


लव इंडिया, मुरादाबाद। जिले में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक नई परियोजना की शुरुआत की गई है। दिल्ली रोड पर मझोला थाना क्षेत्र के पास 3/4 यूनिट अग्निशमन केंद्र के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया।


24 सितंबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में नगर विधायक रितेश गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान एसएसपी सतपाल अंतिल, जिलाधिकारी अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी सुष्मी मुणाली, पुलिस अधीक्षक नगर कुंवर रणविजय सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


करीब 18.30 करोड़ रुपये की परियोजना


उपलब्ध जानकारी के मुताबिक परियोजना की स्वीकृत लागत 1830.44 लाख रुपये यानी करीब 18.30 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। वहीं निविदा लागत 1412.15 लाख रुपये, जीएसटी अतिरिक्त बताई गई है।
निर्माण कार्य की शुरुआत 31 अगस्त 2026 से निर्धारित की गई है और इसे 14 अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना का निर्माण कार्य यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है।


आवासीय और अन्य सुविधाएं भी होंगी


परियोजना के तहत फायर स्टेशन परिसर में विभिन्न आवासीय और गैर-आवासीय सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें मुख्य भवन, सॉकपिट, सेप्टिक टैंक, चारदीवारी, 100 किलोलीटर क्षमता की भूमिगत पानी की टंकी और पंप हाउस शामिल हैं। पंप हाउस में समरसिबल की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।


परिसर में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, ड्रेन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। आवासीय भवन बनने से अग्निशमन कर्मचारियों के लिए भी विभागीय परिसर में रहने की सुविधा उपलब्ध होगी।


अधिकारियों के अनुसार दिल्ली रोड और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में आग या अन्य आपात स्थिति होने पर नए केंद्र से अग्निशमन दल को घटनास्थल तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी।


नए नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक का भी उल्लेख


इसी दौरान मुरादाबाद नगर निगम में हिमांशु कौशिक को नगर आयुक्त बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध सेवा संबंधी विवरण के अनुसार हिमांशु कौशिक 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और नगर आयुक्त बनने से पहले उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड में प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि कंप्यूटर साइंस से जुड़ी बताई गई है और आईएएस में चयन के बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश कैडर में प्रशासनिक सेवाएं शुरू की थीं। बाद में कैडर आवंटन/तैनाती से संबंधित प्रक्रिया के तहत उन्हें उत्तर प्रदेश में जिम्मेदारी मिली।

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