“कटाई से पहले बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी: खेतों में बिछी फसल, अब सर्वे और मुआवजे की उम्मीद”
लव इंडिया, मुरादाबाद। जिले में लगातार हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने के साथ तेज हवा के कारण धान, गन्ना और उड़द की खड़ी फसलें खेतों में बिछ गई हैं। प्रशासन ने फसल क्षति का स्थलीय सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं और 2 अक्टूबर तक नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।
कई क्षेत्रों में फसलों पर असरमूंढापांडे क्षेत्र के अहमदपुर सहित आसपास के गांवों में खेतों में पानी भरने से तैयार धान की फसल प्रभावित हुई है। तेज हवा के कारण कई जगह फसल जमीन पर गिर गई है। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।

कुंदरकी क्षेत्र में जैतवाड़ा, जलालपुर, मैनाठेर, ग्वारऊ और भैसोड़ आदि ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश और हवा से धान समेत खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है।कांठ और छजलैट क्षेत्र में भी तेज बारिश और हवा से धान, गन्ने और उड़द की फसलें गिरने की रिपोर्ट है। किसानों ने बताया कि खेत में गिरी धान की फसल के दाने खराब होने का खतरा रहता है। मुरादाबाद नगर के मझोला क्षेत्र के गांव मलकद्दा के शहाबुद्दीन की धान की फसल भी पानी और तेज हवाओं के चलते खेत में बिछ गई जो आप फोटो में देख सकते हो।
मूंढापांडे: अहमदपुर और आसपास के गांव
कुंदरकी: जैतवाड़ा, जलालपुर, मैनाठेर, ग्वारऊ, भैसोड़
कांठ: कांठ क्षेत्र के ग्रामीण इलाके
छजलैट: छजलैट क्षेत्र के ग्रामीण इलाके
मुरादाबाद में फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार जिलाधिकारी ने फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तलब की है और नुकसान का सर्वे तीन दिन में पूरा किए जाने की बात सामने आई है।
इससे पहले भी जिले में किसानों की तैयार फसलों को बारिश से नुकसान की रिपोर्ट सामने आई थी। किसानों की मांग है कि प्रभावित खेतों का निष्पक्ष सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
