संभल हिंसा में जली स्कोडा कार का बीमा भुगतान करने का आदेश, ओरिएंटल इंश्योरेंस को 3.32 लाख रुपये देने होंगे

उमेश लव लव इंडिया संभल। संभल में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के दौरान जली स्कोडा कार के बीमा दावे के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, संभल ने बीमा कंपनी को वाहन स्वामी के पक्ष में 3,32,991 रुपये की बीमा धनराशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। आयोग ने मानसिक कष्ट एवं आर्थिक क्षति के लिए 20 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अतिरिक्त देने को भी कहा है।


मामला परिवाद संख्या 277/2024 का है। आयोग का निर्णय 31 अगस्त 2026 को सुनाया गया। आदेश पर आयोग के अध्यक्ष राम अचल यादव (एच.जे.एस.) और महिला सदस्य नमिता दुबे के हस्ताक्षर हैं।


क्या है पूरा मामला


अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय के अनुसार संभल के मोहल्ला कोट गर्वी निवासी हसन जमाल पुत्र जमालुद्दीन 23 नवंबर 2024 को दिल्ली से अपने पिता से मिलने संभल आए थे। उन्होंने अपनी स्कोडा कार संख्या DL1CV2019 को जामा मस्जिद के निकट अपने पिता की लकड़ी की दुकान के सामने खड़ा किया था।


आदेश में दर्ज विवरण के अनुसार कार कुछ दिन पहले ही दिल्ली निवासी इतिमाता नामक व्यक्ति से खरीदी गई थी। वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण के लिए फीस और आवश्यक कागजात जमा किए जा चुके थे। इसके अगले दिन 24 नवंबर 2024 को क्षेत्र में हिंसा के दौरान कार में आग लगा दी गई, जिससे कार पूरी तरह जल गई।


कार का बीमा द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया गया था। वाहन स्वामी ने बीमा कंपनी से नुकसान की भरपाई मांगी, लेकिन बीमा कंपनी ने स्वामित्व हस्तांतरण का आधार बताते हुए दावा स्वीकार नहीं किया।


आयोग में क्या तर्क दिया गया


अधिवक्ता पारस वार्ष्णेय की ओर से आयोग के समक्ष भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) से संबंधित प्रावधानों का हवाला दिया गया। उनका तर्क था कि वाहन के पंजीयन प्रमाणपत्र में पूर्व स्वामी से नए क्रेता के नाम वाहन हस्तांतरण की स्थिति में बीमा पॉलिसी में नाम परिवर्तन के लिए निर्धारित अवधि का प्रावधान है और इस अवधि के भीतर दुर्घटना होने पर केवल इसी आधार पर बीमा दावा निरस्त नहीं किया जा सकता।


आयोग ने परिवादी की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमत होते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह दो माह के भीतर 3,32,991 रुपये की बीमा धनराशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करे।
इसके अलावा आयोग ने 20,000 रुपये क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में देने का भी आदेश दिया है।


आदेश में यह भी कहा गया है कि निर्धारित अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने की स्थिति में 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।


आयोग ने परिवादी की ओर से प्रस्तुत तर्कों से सहमत होते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, संभल के अध्यक्ष राम अचल यादव (एच.जे.एस.) तथा महिला सदस्य नमिता दुबे की पीठ ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह दो माह के भीतर 3,32,991 रुपये की बीमा धनराशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करे।

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