संभल हिंसा मामले में NSA रद्द: यूपी सरकार पर 10 लाख के जुर्माने के बाद मुल्ला अफरोज की जेल से रिहाई


लव इंडिया, संभल। संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जारी निवारक हिरासत के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये की कॉस्ट भी लगाई है। इसके बाद मुरादाबाद जेल से मंगलवार देर शाम मुल्ला अफरोज को रिहा कर दिया गया।


मामला 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के न्यायालय के आदेश पर हुए सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी। अफरोज को इस मामले में 17 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।


जमानत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 अक्टूबर 2025 को अफरोज के खिलाफ NSA के तहत निवारक हिरासत का आदेश जारी किया था। इस आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था, जिसके बाद अफरोज ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।


सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि पुलिस हिरासत में दिए गए कथित कबूलनामे को अकेले निवारक हिरासत का आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने पाया कि हिरासत का आदेश पारित करते समय संबंधित प्राधिकारी ने जरूरी सामग्री पर उचित तरीके से विचार नहीं किया।मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सुनाया। इसी आधार पर अदालत ने NSA हिरासत का आदेश रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार देर शाम मुरादाबाद से जेल प्रशासन ने मुल्ला अफरोज को रिहा कर दिया गया।



वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजेंद्र सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मुल्ला अफरोज को जिला कारागार से रिहा कर दिया गया है। न्यायालय का आदेश प्राप्त होने के बाद जेल प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मंगलवार को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।



error: Content is protected !!