किसानों की 20 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन


लव इंडिया मुरादाबाद। किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ, जनपद मुरादाबाद ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर कृषि, सिंचाई, फसल खरीद, किसान सम्मान निधि, भूमि अभिलेख और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़ी करीब 20 मांगें उठाई गईं।


ज्ञापन में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि किसानों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना जरूरी है।
किसान सम्मान निधि बढ़ाकर 6 हजार रुपये अतिरिक्त देने की मांग
भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी किसानों को 6,000 रुपये वार्षिक अतिरिक्त सहायता देने की मांग की। साथ ही जिन किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि किसी कारणवश बंद हो गई है, उनकी पात्रता की जांच कर भुगतान फिर शुरू कराने की मांग रखी गई।


अनाज मंडियों में पारदर्शी खरीद व्यवस्था की मांग


ज्ञापन में अनाज मंडी एवं फसल खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। संगठन ने जनपद के बिलारी, कुंदरकी और कांठ में किसानों की फसल खरीद के लिए नई मंडियां बनाने तथा सभी मंडियों में फसल खरीद के दौरान भुगतान और कटौती की व्यवस्था को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग की।


खाद-बीज और कृषि उत्पादों की अनिवार्यता पर रोक की मांग


किसानों को खाद खरीदते समय अन्य दवाइयां अथवा उत्पाद लेने के लिए कथित रूप से मजबूर किए जाने का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया गया। संगठन ने ऐसी अनिवार्यता तत्काल बंद कराने की मांग की।


भूमि अधिग्रहण और लैंड पूलिंग नीति का मुद्दा


ज्ञापन में सर्किल रेट को वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाने और किसानों को जमीन अधिग्रहण एवं उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की गई। साथ ही लैंड पूलिंग नीति को समाप्त करने की मांग भी रखी गई।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए निजी नलकूप तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जुड़ी सुविधाओं में प्राथमिकता देने की मांग की गई। सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग भी शामिल रही।


गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग


किसान संघ ने बढ़ती कृषि लागत और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी। इसके अलावा दूध एवं पशुपालन से जुड़े किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।


नहरों और चकरोड़ों को लेकर भी उठाए सवाल


ज्ञापन में चकरोड़ों पर किए गए कथित अवैध कब्जे हटाने, सिंचाई नालियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई।
संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी, नालों और आवश्यक ग्रामीण सड़कों की समस्याओं का स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर समाधान कराने की मांग भी उठाई।


जंगली जानवरों और फसल नुकसान का मुद्दा


ज्ञापन में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की।
इसके साथ ही किसानों के खेतों के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग भी रखी गई, विशेषकर उन गांवों में जहां जंगली जानवरों का भय बताया गया है।


फसल मूल्य और भूमि अभिलेख संबंधी मांगें


भारतीय किसान संघ ने आलू समेत अन्य फसलों के उचित मूल्य, अवैध खनन पर रोक, किसानों द्वारा अपने उपयोग के लिए खेतों से मिट्टी उठाने में अनावश्यक रोक नहीं लगाने और चकबंदी से जुड़े मामलों के समाधान की मांग की।
ज्ञापन में अंश निर्धारण, नामांतरण, फार्मर रजिस्ट्री, विरासत और भूमि अभिलेखों से संबंधित लंबित मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण कराने की मांग भी शामिल है।


किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त ऋण की मांग


किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े मुद्दे में संगठन ने समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण, ऋण सीमा को 5 लाख रुपये तक बढ़ाने, नवीनीकरण पर अनावश्यक कागजी कार्रवाई और शुल्क समाप्त करने की मांग की।
इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर किसानों के लिए आधार कार्ड सेंटर की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई।


दूध के दाम और पशुपालकों की समस्या


ज्ञापन में दूध के मूल्य निर्धारण को लेकर भी मांग उठाई गई। संगठन ने किसानों को मिलने वाले दूध के उचित मूल्य तथा गोवंश एवं पशुधन से संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की।


अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देने की मांग


भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि मुरादाबाद जनपद के किसानों और ग्रामीणों को समस्याओं से राहत मिल सके।

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