मुरादाबाद में पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की आराधना, भजनों पर भक्ति में डूबे श्रद्धालु


लव इंडिया, मुरादाबाद। रामगंगा विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के सातवें दिन मंगलवार, 22 सितंबर को उत्तम तप धर्म की आराधना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। दिगंबर जैन परंपरा में 22 सितंबर को दशलक्षण पर्व का सातवां दिन उत्तम तप धर्म के रूप में मनाया जा रहा है।


मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्री जी की प्रथम शांतिधारा के पुण्यार्जक परिवार के रूप में श्री कमल कुमार जैन एवं श्रीमती ममता जैन परिवार तथा श्री कुलदीप जैन एवं श्रीमती सारिका जैन परिवार रहे। वहीं विधान कर्ता परिवार के रूप में श्री गजराज जैन एवं श्रीमती शुभ्रा जैन परिवार ने सहभागिता की।


तप से आत्मशुद्धि का संदेश


इस अवसर पर विराजमान श्री भद्रबाहु सागर जी ने उत्तम तप धर्म का महत्व बताते हुए कहा कि तप के दिन हमें तप करना चाहिए। उन्होंने तप की तुलना अग्नि से करते हुए कहा कि जिस प्रकार अग्नि में तपकर सोना कुंदन बनता है, उसी प्रकार तप के माध्यम से जीव का निखार होता है।


उन्होंने तप करते समय मायाचारी से बचने और मन-वचन-कर्म में सरलता रखने का संदेश दिया। जैन परंपरा में उत्तम तप को दस लक्षण धर्म के सातवें धर्म के रूप में माना जाता है और इसे आत्मशुद्धि तथा कर्मनिर्जरा की साधना से जोड़ा जाता है।


शाम को भक्ति कार्यक्रम


शाम के समय संगीतकारों द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। इसके बाद भक्तिपूर्ण आरती और प्रतिक्रमण का आयोजन हुआ। दीदी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए एक प्रतियोगिता भी कराई गई।


कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष संदीप जैन, मंत्री नीरज जैन, उपाध्यक्ष सजल जैन, कोषाध्यक्ष विकास जैन, महिला अध्यक्ष सुषमा जैन, उपाध्यक्ष छवि जैन और उपमंत्री श्रुति जैन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


इसके अलावा रीमा जैन, नीरू जैन, रजनी जैन, शशि जैन, शुभ्रा जैन, सीमा जैन, पूनम जैन, मोदी जी जैन, मोहित जैन, सुखानंद जैन, सर्वोदय जैन, राहुल जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की।

error: Content is protected !!