आन्जनेय कुमार सिंह की विदाई: अब संगीता सिंह नई मंडलायुक्त, बड़ा सवाल: मुरादाबाद-रामपुर की सियासत में अब क्या बदलेगा..?



उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। लंबे समय तक मुरादाबाद मंडल की प्रशासनिक कमान संभालने वाले आईएएस अधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह के कार्यकाल के बाद अब मंडल को नई मंडलायुक्त मिल गई हैं। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी तबादला आदेश में अलीगढ़ की मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं कई अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं।


संगीता सिंह इससे पहले अलीगढ़ मंडल की मंडलायुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब उन्हें मुरादाबाद मंडल की कमान दी गई है। उनके सामने मुरादाबाद के साथ-साथ रामपुर, संभल और अमरोहा जैसे जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था और शासन की योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।


आन्जनेय कुमार सिंह के जाने के बाद बदला अध्याय


आन्जनेय कुमार सिंह का नाम मुरादाबाद मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था में लंबे कार्यकाल के कारण खास तौर पर जाना जाता है। इससे भी अधिक उनकी पहचान रामपुर के जिलाधिकारी रहते हुए सामने आई, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर वह लगातार चर्चा में रहे।
रामपुर में उनके कार्यकाल के दौरान आजम खान और उनके परिवार से जुड़े कई मामलों में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई हुई। इसी दौर में आन्जनेय कुमार सिंह की छवि एक सख्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में बनी।
बाद में मुरादाबाद मंडलायुक्त के रूप में भी वह लंबे समय तक जिम्मेदारी संभालते रहे। अब उनके यूपी से बाहर जाने और नई मंडलायुक्त की नियुक्ति के साथ मुरादाबाद मंडल की प्रशासनिक कमान में बदलाव हो गया है।


आजम खान समर्थक खेमे में क्या संदेश?


आन्जनेय कुमार सिंह का नाम आजम खान के साथ जुड़े प्रशासनिक टकराव के कारण लंबे समय से राजनीतिक चर्चाओं में रहा है। ऐसे में उनके जाने के बाद रामपुर की सियासत में भी इस बदलाव को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है।
आजम खान के समर्थक इस बदलाव को किस नजर से देखते हैं, यह आने वाले दिनों में उनके बयानों और राजनीतिक गतिविधियों से स्पष्ट होगा। फिलहाल किसी खास समर्थक के बयान के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि पूरा खेमा खुश है।
लेकिन राजनीतिक हलकों में सवाल जरूर उठ रहा है कि आन्जनेय कुमार सिंह के बाद नई मंडलायुक्त संगीता सिंह की कार्यशैली रामपुर और पूरे मंडल के प्रशासनिक माहौल को किस तरह प्रभावित करेगी?


अलीगढ़ के बाद अब मुरादाबाद की चुनौती


संगीता सिंह के लिए मुरादाबाद मंडल नई जिम्मेदारी जरूर है, लेकिन मंडलायुक्त के रूप में उनका प्रशासनिक अनुभव पहले से है। अलीगढ़ मंडल में जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस महत्वपूर्ण मंडल की कमान दी गई है।
मुरादाबाद मंडल राजनीतिक, औद्योगिक, राजस्व और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं रामपुर लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखता है।
ऐसे में नई मंडलायुक्त के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि प्रशासनिक कामकाज को गति देने के साथ कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं, राजस्व मामलों और जनसमस्याओं का प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जाए।


क्या बदलेगी रामपुर की प्रशासनिक शैली?


आन्जनेय कुमार सिंह के लंबे कार्यकाल के बाद संगीता सिंह के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती प्रशासनिक निरंतरता और नई प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाने की होगी।
रामपुर में आजम खान से जुड़े पुराने मामलों के साथ-साथ विकास और प्रशासनिक मुद्दे भी नई मंडलायुक्त के एजेंडे में रहेंगे।
यही वजह है कि मुरादाबाद में नई मंडलायुक्त की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक तबादला नहीं, बल्कि मंडल की प्रशासनिक शैली में बदलाव के संकेत के तौर पर भी देखी जा रही है।
अब देखना होगा कि अलीगढ़ से मुरादाबाद पहुंचीं संगीता सिंह अपने कार्यकाल की शुरुआत किन प्राथमिकताओं से करती हैं और रामपुर सहित पूरे मंडल में प्रशासनिक व्यवस्था को किस दिशा में आगे बढ़ाती हैं।



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