मुरादाबाद की Metal World पर डिजाइन कॉपी करने का आरोप, दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला



उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। ईआईसी एक्सपोर्ट इंटरनेशनल कॉरपोरेशन (EIC Export International Corporation) के महाप्रबंधक प्रफुल्ल चौहान (General Manager Prafull Chauhan) ने अपनी फर्म के उत्पादों की डिजाइन की नकल किए जाने से दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का दावा किया है। उनका कहना है कि फर्म द्वारा तैयार किए गए मूल उत्पादों और उनकी डिजाइन की नकल कर दूसरे पक्ष द्वारा उत्पादों की बिक्री किए जाने से कारोबार प्रभावित हुआ है।


शनिवार को लाकड़ी फाजलपुर स्थित ईआईसी एक्सपोर्ट इंटरनेशनल कॉरपोरेशन के कार्यालय में लव इंडिया नेशनल से बातचीत करते हुए जीएम प्रफुल्ल चौहान ने कथित रूप से कॉपी किए गए उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी फर्म द्वारा तैयार किए गए कई उत्पादों के डिजाइन मूल रूप से विकसित किए गए हैं और इनके संबंध में औद्योगिक डिजाइन के पंजीकरण भी कराए गए हैं।


महाप्रबंधक प्रफुल्ल चौहान ने बताया कि महेश चंद्रा एंड ब्रदर मेटल वर्ल्ड ( Mahesh Chandra & Brother ( Metal World) द्वारा फर्म के कुछ उत्पादों की डिजाइन कथित तौर पर कॉपी कर बाजार में बेचे जाने का मामला अब न्यायालय के समक्ष है। उन्होंने कहा कि इस कथित नकल के कारण उनकी फर्म को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि किसी फर्म द्वारा तैयार किए गए मूल डिजाइन को बिना अनुमति कॉपी कर उसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। प्रफुल्ल चौहान के मुताबिक, इसी मामले को लेकर उनकी कंपनी की ओर से कानूनी कार्रवाई की गई है।


दिल्ली हाईकोर्ट में दायर है वाणिज्यिक मुकदमा


उपलब्ध न्यायालयी दस्तावेजों के अनुसार Exports International Corporation और अभय गुप्ता की ओर से महेश चंद्रा एंड ब्रदर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में वाणिज्यिक मुकदमा दायर किया गया है। दस्तावेजों में मामला औद्योगिक डिजाइन की कथित नकल से जुड़े infringement और passing off के आरोपों से संबंधित दिखाई देता है।


न्यायालय में दाखिल दस्तावेजों में वादी पक्ष की ओर से कई मूल औद्योगिक डिजाइनों का विवरण दिया गया है। दस्तावेज में छह डिजाइन प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें पांच के सामने पंजीकरण की जानकारी दर्ज है, जबकि एक डिजाइन के संबंध में पंजीकरण लंबित बताया गया है।
दस्तावेजों में दर्ज विवरण के अनुसार कुछ डिजाइन के पंजीकरण वर्ष 2025 में हुए हैं। वादी पक्ष ने इन डिजाइनों को अपने मूल डिजाइन बताते हुए उनके कथित इस्तेमाल को लेकर न्यायालय से राहत की मांग की है।


अभय गुप्ता ने दाखिल किया शपथपत्र


मामले से संबंधित दस्तावेजों में अभय गुप्ता को Exports International Corporation का पार्टनर और वादी संख्या-2 बताया गया है। 20 अप्रैल 2026 को सत्यापित शपथपत्र में उन्होंने मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी होने तथा वादी पक्ष की ओर से दाखिल आवेदन के समर्थन में शपथ लेने का उल्लेख किया है।
19 अप्रैल 2026 के एक Urgent Application में संबंधित मुकदमे को तत्काल सुनवाई के लिए लेने का अनुरोध दिल्ली हाईकोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार के समक्ष किए जाने की जानकारी भी दस्तावेजों में है।


दो करोड़ से अधिक नुकसान का दावा


ईआईसी एक्सपोर्ट इंटरनेशनल कॉरपोरेशन के जीएम प्रफुल्ल चौहान ने बातचीत में दावा किया कि कथित रूप से डिजाइन की नकल किए जाने से उनकी फर्म को दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि फर्म अपने मूल उत्पादों और डिजाइनों को लेकर कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का सहारा ले रही है।
हालांकि, दो करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आंकड़ा प्रफुल्ल चौहान/वादी पक्ष का दावा है। उपलब्ध दस्तावेजों से यह स्थापित नहीं होता कि न्यायालय ने नुकसान की इस राशि को स्वीकार कर लिया है।


अंतिम फैसला अभी बाकी


मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल किसी पक्ष को दोषी या डिजाइन चोरी का दोषी बताना उचित नहीं होगा। उपलब्ध दस्तावेज वादी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उसके दावों को दर्शाते हैं। मामले में प्रतिवादी महेश चंद्रा एंड ब्रदर का पक्ष या न्यायालय का अंतिम निर्णय सामने आने के बाद खबर को अपडेट कर उसे भी शामिल किया जाएगा।


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