गागन नदी पर बनेगा दो लेन का पुल, नया मुरादाबाद-मलगद्दा के ग्रामीणों को बड़ी राहत


उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। नया मुरादाबाद और ग्राम मलगद्दा के बीच गागन नदी पर दो लेन के सेतु निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सेतु के साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी किए जाएंगे। शासन स्तर पर प्रस्ताव को व्यय वित्तीय समिति की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। अब शासनादेश जारी होने के बाद निर्माण की अग्रिम प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।


उप परियोजना प्रबंधक सेतु निर्माण इकाई शशिकांत के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को ग्राम चौधरपुर (मलगद्दा) में गागन नदी पर ग्रामीणों द्वारा बनाए गए कच्चे पुल से उतरते समय एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई थी। हादसे में मोटरसाइकिल सवार एक महिला और एक बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी।


हादसे के बाद 29 अगस्त को मंडलायुक्त मुरादाबाद मंडल संगीता सिंह ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन की जरूरत को देखते हुए गागन नदी पर पक्के सेतु के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।


7 अक्टूबर को मिली वित्तीय स्वीकृति


सेतु निर्माण के प्रस्ताव को लेकर 7 अक्टूबर 2026 को व्यय वित्तीय समिति की बैठक हुई, जिसमें नया मुरादाबाद-मलगद्दा के बीच गागन नदी पर दो लेन सेतु के निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सेतु के साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी प्रस्ताव में शामिल हैं।


दो लेन पुल बनने से क्या होगा फायदा?


मौजूदा कच्चे पुल के स्थान पर दो लेन का पक्का सेतु बनने से नया मुरादाबाद, मलगद्दा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सकेगा। दो लेन होने से दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी और ग्रामीणों को संकरे अथवा अस्थायी रास्ते पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


पक्का पुल बनने से बारिश के दौरान आवागमन बाधित होने की समस्या कम होगी, वहीं मोटरसाइकिल, कार, एंबुलेंस और अन्य वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी। आसपास के ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और शहर की ओर आने-जाने में भी समय और दूरी की बचत हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कच्चे पुल से जुड़े दुर्घटना के जोखिम को कम करने में स्थायी सेतु मददगार होगा।


प्रशासन के अनुसार शासनादेश जारी होने के बाद सेतु निर्माण से संबंधित आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के साथ-साथ जनसुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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