मुरादाबाद में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि के घर युवक को ले जाकर प्रताड़ित करने का आरोप, मां की तहरीर पर कार्रवाई नहीं

मुरादाबाद। जिले के डिलारी थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और एक हस्तलिखित पत्र में एक युवक को घर से उठाकर रतूपुरा ले जाने और वहां चोरी के आरोप में कथित रूप से मारपीट व प्रताड़ित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

वायरल पत्र के अनुसार, युवक की पहचान रामू के रूप में बताई गई है। उसकी मां का आरोप है कि 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस रामू को उसके घर से उठाकर रतूपुरा ले गई, जहां उसे सत्ता पक्ष के एक जनप्रतिनिधि के घर ले जाया गया।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि रामू पर चोरी का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट की गई। महिला ने दावा किया है कि उसके बेटे को लोहे की रॉड और डंडों से पीटा गया तथा करंट लगाने की भी बात कही गई।

परिवार दिन में पहुंचा थाने, कार्रवाई नहीं


रामू की मां के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग दिन में थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए तहरीर दी। महिला का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर, मामले में कोई कार्रवाई भी नहीं की।

वायरल पत्र में महिला ने अपने बेटे की हालत को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उसका दावा है कि रामू की हालत इतनी खराब थी कि वह अपने पैरों पर ठीक से खड़ा नहीं हो पा रहा था। पत्र में खून की उल्टियां आने का भी आरोप लगाया गया है। महिला ने पुलिस से अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वीडियो और पत्र वायरल


इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो और महिला की ओर से लिखा गया पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में घटना से संबंधित दावे किए जा रहे हैं, जबकि पत्र में महिला ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
हालांकि, वायरल वीडियो और पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने मामले में कोई जांच शुरू की है या नहीं।

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल


महिला का दावा है कि परिवार के लोग दिन में थाने पहुंचे और तहरीर दी, लेकिन उसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी उठ रहे हैं। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तहरीर पर क्या कार्रवाई की गई, युवक को पुलिस द्वारा ले जाने की बात सही है या नहीं और वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की वास्तविक स्थिति क्या है।

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