रामू कश्यप समेत तीन युवकों की पिटाई के आरोप पर निषाद पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी, सोमवार तक कार्रवाई का अल्टीमेटम

लव इंडिया, मुरादाबाद। सत्ता पक्ष के एक जनप्रतिनिधि के यहां चोरी के शक में ले जाए गए तीन युवकों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के मामले में निषाद पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा ने कहा कि यदि पुलिस ने सोमवार तक मामले में उचित कार्रवाई नहीं की, तो उसके बाद कभी भी आंदोलन शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के युवकों के साथ कथित ज्यादती का मामला बेहद गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

शुक्रवार को डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा डिलारी पहुंचे और बाद में ठाकुरद्वारा भी गए। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि युवकों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पुलिस को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

डॉ. तुरैहा ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक पुलिस ने मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपना सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं होती, तब तक निषाद पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

इस मामले में रामू कश्यप की हालत गंभीर होने और उसे दिल्ली रेफर किए जाने की सूचना सामने आई है। वहीं, लवी और अतुल नाम के दो अन्य युवकों के भी रतूपुरा स्थित अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, तीनों युवकों की चिकित्सकीय स्थिति और उनके साथ कथित प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए मेडिकल दस्तावेजों और पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार है।

महिपाल सिंह कश्यप ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव महिपाल सिंह कश्यप ने भी मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 अक्टूबर को डिलारी क्षेत्र के कुछ कश्यप समाज के युवकों को चोरी के शक में घर से ले जाया गया और बाद में उनके साथ कथित रूप से मारपीट तथा प्रताड़ना की गई।

महिपाल सिंह कश्यप के अनुसार, युवक रोजी-रोटी के सिलसिले में रतूपुरा स्थित सत्ता पक्ष के एक जनप्रतिनिधि के आवास पर जाते थे। उन्होंने दावा किया कि जनप्रतिनिधि के बेटे का सोने का कड़ा खोने के बाद युवकों पर शक किया गया। उनका आरोप है कि यदि युवकों पर चोरी का संदेह था, तो पुलिस में मुकदमा दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, न कि कथित रूप से उन्हें बंद करके प्रताड़ित किया जाना चाहिए था।

महिपाल सिंह कश्यप ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के पदाधिकारियों ने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी और कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

महापंचायत और धरना-प्रदर्शन की तैयारी

निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव महिपाल सिंह कश्यप ने कहा कि मामले में कार्रवाई नहीं होने पर कश्यप समाज महापंचायत बुलाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

इससे पहले रामू की मां की ओर से सामने आए हस्तलिखित पत्र में आरोप लगाया गया था कि उसके बेटे के साथ मारपीट की गई और उसे करंट लगाया गया। परिजनों ने यह भी दावा किया था कि शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय दस्तावेजों से होनी बाकी है।

पुलिस और संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब बाकी

मामले में परिवार और समाज के लोगों की मांग है कि घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए, उन्हें परिजनों से मिलने दिया जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि किसी के खिलाफ अपराध के प्रमाण मिलते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज होने, जांच की स्थिति और लगाए गए आरोपों के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। संबंधित जनप्रतिनिधि का पक्ष भी उपलब्ध नहीं हो सका है। पुलिस प्रशासन और संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर खबर में उसे शामिल किया जाएगा।

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