सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि के घर प्रताड़ना के आरोप में युवक की हालत गंभीर, दिल्ली रेफर; दो अन्य युवक भी अस्पताल में भर्ती

लव इंडिया, डिलारी/ ठाकुरद्वारा/ मुरादाबाद। सत्ता पक्ष के एक जनप्रतिनिधि के घर चोरी के आरोप में युवक को ले जाकर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने का मामला अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है। रामू कश्यप की हालत बिगड़ने पर उसे काशीपुर से दिल्ली रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, इसी मामले में प्रताड़ना के शिकार बताए जा रहे दो अन्य युवक लवी और अतुल रतूपुरा स्थित अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं। घटना को लेकर परिजनों और समाज के लोगों में नाराजगी है।

इससे पहले रामू की मां की ओर से एक हस्तलिखित पत्र सामने आया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस रामू को घर से उठाकर रतूपुरा ले गई थी। महिला का दावा था कि वहां चोरी का आरोप लगाकर उसके बेटे के साथ मारपीट की गई। पत्र में लोहे की रॉड और डंडों से पीटने तथा करंट लगाने के आरोप भी लगाए गए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रामू की हालत बिगड़ी, दिल्ली रेफर किए जाने की सूचना

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रामू कश्यप की हालत गंभीर होने के बाद उसे पहले काशीपुर ले जाया गया और अब दिल्ली रेफर किए जाने की खबर है। परिवार का कहना है कि युवक की हालत को लेकर वे लगातार चिंतित हैं और उसे बेहतर उपचार दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसी प्रकरण में लवी और अतुल नाम के दो अन्य युवकों के भी प्रताड़ना का शिकार होने का आरोप लगाया जा रहा है। दोनों के रतूपुरा स्थित एक अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, तीनों युवकों की मेडिकल रिपोर्ट, चोटों की प्रकृति और उपचार की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

डिलारी थाने पहुंचे परिजन और समाज के लोग, हंगामे का दावा

मामले को लेकर परिजन और समाज के लोग डिलारी थाने पहुंचे। उनकी मांग थी कि युवकों के साथ कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की जाए और परिवारों को अपने बच्चों से मिलने दिया जाए।

परिजनों का आरोप है कि थाना पुलिस ने घटनास्थल ठाकुरद्वारा क्षेत्र का बताते हुए उन्हें वहां जाने के लिए कहा। इसके बाद परिवार के लोग और समाज के प्रतिनिधि ठाकुरद्वारा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां वे कार्रवाई की मांग को लेकर डटे रहे।

परिवारों का यह भी आरोप है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती युवकों के पास जाने या उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि परिवारों को वास्तव में घायलों से मिलने में बाधा आ रही है, तो प्रशासन को इसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

अधिकारी बातचीत को तैयार नहीं होने का आरोप

परिजनों और समाज के लोगों का कहना है कि वे मामले में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर समाधान चाहते हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई अधिकारी स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं है।

परिवारों की प्रमुख मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले, उन्हें परिवार से मिलने दिया जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

वायरल पत्र और वीडियो से बढ़ी चर्चा

इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो और रामू की मां का हस्तलिखित पत्र वायरल हुआ था। पत्र में महिला ने आरोप लगाया था कि उसके बेटे को चोरी के आरोप में प्रताड़ित किया गया और थाने में तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

अब रामू की हालत गंभीर होने और दो अन्य युवकों के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। हालांकि, वायरल सामग्री में लगाए गए आरोपों और घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच, चिकित्सकीय दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान से ही हो सकेगी।

पुलिस प्रशासन के सामने सवाल

मामले में अब कई सवालों के जवाब जरूरी हैं। रामू और अन्य युवकों को किस परिस्थिति में ले जाया गया? उन्हें चोटें कैसे आईं? परिवारों की शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई? घायलों का उपचार कहां और किस स्थिति में चल रहा है? क्या इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है?

इन सवालों पर पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। संबंधित जनप्रतिनिधि का पक्ष भी उपलब्ध नहीं हो सका है। दोनों पक्षों के जवाब और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, रामू के दिल्ली रेफर किए जाने की सूचना और दो अन्य युवकों के अस्पताल में भर्ती होने के दावों के बीच परिवारों की मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

ठाकुरद्वारा के इंस्पेक्टर ने ली तहरीर

तहरीर में से यह काट दो वह काट दो… के बीच आखिरकार ठाकुरद्वारा के इंस्पेक्टर ने बुजुर्ग मां की तहरीर ले ली। जैसा कि आप इस फोटो में देख रहे हैं कि यह फोटो सीओ ठाकुरद्वारा ऑफिस का है। पीछे क्षेत्राधिकारी लिखा हुआ अभी नजर आ रहा है। जहां पर बुजुर्ग महिला से ठाकुरद्वारा के इंस्पेक्टर तहरीर लेते हुए नजर आ रहे हैं।

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