एक्शन का दूसरा दिन : जच्चा-बच्चा केंद्र और पैथोलॉजी लैब समेत सात फर्जी चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर सील


मुरादाबाद। जिले में बिना वैध पंजीकरण, आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित बताए जा रहे चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने निरीक्षण और छापेमारी की। जांच के दौरान अनधिकृत रूप से चिकित्सा गतिविधियां संचालित पाए जाने पर सात प्रतिष्ठानों को मौके पर सील कर दिया गया।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य ऐसे चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जहां आवश्यक पंजीकरण अथवा अनुमति के बिना स्वास्थ्य सेवाएं संचालित किए जाने की शिकायत या जांच में स्थिति सामने आती है।


बिलारी में पैथोलॉजी और जच्चा-बच्चा केंद्र सील


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने बिलारी क्षेत्र में निरीक्षण किया। टीम ने मुड़िया भीकम स्थित नेशनल पैथोलॉजी तथा जरगांव रोड, मोहल्ला हयातपुर स्थित जीवन हेल्थ केयर (जच्चा-बच्चा केंद्र) का निरीक्षण किया। दोनों प्रतिष्ठानों के अनधिकृत रूप से संचालित पाए जाने पर उन्हें मौके पर सील किए जाने की जानकारी दी गई है।


अगवानपुर में तीन क्लीनिकों पर कार्रवाई


उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने अगवानपुर क्षेत्र में भी अभियान चलाया। टीम ने स्टेशन रोड स्थित एक क्लीनिक, सफी डेंटल केयर के निकट स्थित प्रतिष्ठान तथा बाल्मीकि बस्ती में पेट्रोल पंप के पास संचालित बंगाली क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीनों प्रतिष्ठानों के अनधिकृत रूप से संचालित पाए जाने पर उन्हें सील कर दिया गया।


सुरजननगर में दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई


उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव की टीम ने ठाकुरद्वारा क्षेत्र के सुरजननगर में अभियान चलाया। यहां जयपुर रोड स्थित सूर्या क्लीनिक और लाइफ केयर क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। निर्धारित नियमों के विपरीत चिकित्सा गतिविधियां संचालित पाए जाने के बाद दोनों प्रतिष्ठानों को सील किया गया।


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बिना वैध पंजीकरण, अनुमति अथवा निर्धारित मानकों के चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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