यूजीसी आरक्षण लागू कराने की मांग: राष्ट्रीय अति पिछड़ा महासंघ ने एडीएम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

लव इंडिया, मुरादाबाद। राष्ट्रीय अति पिछड़ा महासंघ द्वारा मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यूजीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू कराने की मांग की गई। ज्ञापन राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मुरादाबाद के माध्यम से प्रेषित किया गया।


🔹 यूजीसी आरक्षण को “Kept in Abeyance” रखने पर जताई नाराजगी


ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा देश के सभी बड़े कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यूजीसी आरक्षण लागू करने का निर्णय सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा और सार्थक कदम था, लेकिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस निर्णय को अधर में लटकाए जाने (Kept in abeyance) से समाज में निराशा का माहौल उत्पन्न हो गया है।


🔹 सुप्रीम कोर्ट की बाधा दूर कराने की मांग


महासंघ ने राष्ट्रपति महोदया से अनुरोध किया कि इस विषय में सकारात्मक पहल करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बाधा को दूर कराया जाए, ताकि यूजीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू किया जा सके और समाज के वंचित वर्गों के विद्यार्थी बिना किसी भेदभाव के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।


🔹 उच्च शिक्षा में समान अवसर पर जोर


ज्ञापन में कहा गया कि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में समान अवसर मिलना देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है और यूजीसी आरक्षण लागू होने से इन वर्गों के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

🔹 महासंघ ने जताया आभार


अखिल भारतीय अति पिछड़ा महासंघ ने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है तो संगठन सदैव इसके लिए आभारी रहेगा।

🔹 ज्ञापन देने वालों के प्रमुख नाम


ज्ञापन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. सैनी सहित रामकुमार प्रजापति (राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष), नेमसिंह बौद्ध (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), डॉ. रमाकांत ठाकुर (राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव), लायन सिंह पाल (राष्ट्रीय महासचिव), डॉ. राजकुमार कश्यप (राष्ट्रीय संगठन महामंत्री), यूसुफ सैफी, आर.के. सैनी सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।

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