लव इंडिया, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए परिषदीय सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रदेशभर के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय सोमवार से 27 दिनों के लिए बंद हो जाएंगे। छुट्टियों के बाद स्कूल 16 जून से दोबारा खुलेंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं को इस अवकाश का लाभ मिलेगा। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छुट्टियों के दौरान बच्चों को गृहकार्य और प्रोजेक्ट कार्य दिया जाए, ताकि पढ़ाई का क्रम बना रहे और छात्र अब तक पढ़ाए गए पाठों को दोहराते रहें।
गर्मी और लू को देखते हुए लिया गया फैसला
प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू किया गया है।
छुट्टियों में मिलेगा होमवर्क और प्रोजेक्ट
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों को विषयवार होमवर्क और प्रोजेक्ट तैयार करके दें। छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर शिक्षक विद्यार्थियों के कार्य की समीक्षा करेंगे। विभाग का मानना है कि इससे बच्चे पढ़ाई से जुड़े रहेंगे और लंबी छुट्टियों में पढ़ा हुआ पाठ नहीं भूलेंगे।
शिक्षक बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे

विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी बिना अनुमति जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। आगामी परीक्षाओं और विभागीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
लाखों विद्यार्थियों को राहत
प्रदेशभर में संचालित सरकारी विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। गर्मी की छुट्टियों की घोषणा के बाद अभिभावकों और विद्यार्थियों ने राहत महसूस की है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।
शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल बंद होने के बावजूद आवश्यक प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी कार्य समय पर पूरे किए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।