मुरादाबाद मंडल ने ट्रैक सुरक्षा में रचा इतिहास, 2025-26 में रेल फ्रैक्चर घटकर पहुंचे रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर


उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल ने वर्ष 2025-26 में ट्रैक अनुरक्षण, संरक्षा और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती विनीता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में मंडल ने रेल सुरक्षा, ट्रैक गुणवत्ता और परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्य किए, जिसके परिणामस्वरूप रेल फ्रैक्चर की घटनाओं में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2018-19 में जहां कुल 493 रेल फ्रैक्चर दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर केवल 8 रह गई है। इनमें 7 रेल फ्रैक्चर और 1 वेल्ड फ्रैक्चर शामिल है। रेलवे इसे मुरादाबाद मंडल का अब तक का सर्वश्रेष्ठ संरक्षा प्रदर्शन मान रहा है।


ट्रैक नवीनीकरण में बड़ी उपलब्धि


मंडल ने वर्ष 2025-26 के दौरान बड़े स्तर पर ट्रैक रिन्यूअल और अनुरक्षण कार्य कराए।
मुख्य उपलब्धियां
105.866 ट्रैक किलोमीटर मुख्य रेल पटरी (TRR-P) का पूर्ण नवीनीकरण
25.409 ट्रैक किलोमीटर द्वितीयक पटरी (TRR-S) का नवीनीकरण
119.845 किलोमीटर स्लीपर रिन्यूअल (TSR-P)
13.399 किलोमीटर सेकेंडरी स्लीपर रिन्यूअल (TSR-S)
रेलवे के मुताबिक, इन सभी कार्यों के बाद कुल 132.255 CTR (Complete Track Renewal) इकाई के बराबर ट्रैक नवीनीकरण पूरा किया गया।


डीप स्क्रीनिंग से मजबूत हुआ ट्रैक नेटवर्क


मंडल द्वारा 226 किलोमीटर ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग की गई। इस प्रक्रिया में पटरियों के नीचे मौजूद बैलास्ट (पत्थरों) को साफ कर उनकी गुणवत्ता बेहतर की जाती है, जिससे ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा बढ़ती है।
इसके साथ ही 224 टर्नआउट यानी पॉइंट एवं क्रॉसिंग की डीप स्क्रीनिंग भी पूरी की गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य ट्रेनों की सुरक्षित और स्मूद आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।


3.27 लाख घन मीटर बैलास्ट बिछाया गया


मुरादाबाद मंडल ने ट्रैक स्थिरता मजबूत करने के लिए 3.27 लाख घन मीटर बैलास्ट अनलोडिंग का कार्य पूरा किया। इसके अलावा 137 टर्नआउट्स पर TWS (Through Welded Switches) कार्य भी किया गया, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुचारु हुई।


13 समपार फाटक खत्म, सुरक्षा बढ़ी


रेलवे ने सड़क और रेल यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 13 समपार फाटकों का उन्मूलन भी किया।
इनमें शामिल हैं:
1 फाटक का विलय
10 स्थानों पर लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) निर्माण
2 स्थानों पर रोड ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण
रेलवे के अनुसार, इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होने के साथ ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिली है।


लूप लाइन की स्पीड बढ़ाई गई


सीएच-एचजीजे सेक्शन के 6 स्टेशनों की लूप लाइन की गति सीमा बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग प्रक्रिया अधिक तेज और समयबद्ध हुई है।


अन्य रिकॉर्ड उपलब्धियां


मुरादाबाद मंडल ने वर्ष 2025-26 में कई अन्य क्षेत्रों में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।
प्रमुख आंकड़े
TSR (थ्रू स्लीपर रिन्यूअल): 119.845 कि.मी.
प्लेन ट्रैक डीप स्क्रीनिंग: 227.045 कि.मी.
टर्नआउट डीप स्क्रीनिंग: 224
थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (TTR): 177.25 समतुल्य संख्या
एच-बीम द्वारा ब्रिज चैनल स्लीपर नवीनीकरण: 11,047

बैलास्ट अनलोडिंग: 3.27 लाख घन मीटर


यात्रियों को सुरक्षित और तेज रेल सेवा देने पर फोकस
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि मुरादाबाद मंडल लगातार सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी और योजनाबद्ध अनुरक्षण के कारण रेल संरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता मिली है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर परिचालन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।


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