मंगेतर को बुलाकर कराई हत्या, प्रेमी और मां के साथ मिलकर रची साजिश, तीनों को उम्रकैद


उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। थाना पाकबड़ा क्षेत्र के महलकपुर गांव में करीब आठ वर्ष पहले हुई युवक सोनू की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला जज सप्तम (एडीजे-7) की अदालत ने प्रेम प्रसंग और साजिश के तहत हत्या करने के मामले में युवती रानी, उसकी मां राधा और प्रेमी अशोक कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।

2018 में हुई थी सगाई


अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव घिंढोरा निवासी सोनू पुत्र जयपाल सिंह की सगाई वर्ष 2018 में महलकपुर निवासी रानी पुत्री राकेश कुमार से हुई थी। बताया गया कि सगाई के बावजूद रानी के गांव के ही अशोक कुमार से प्रेम संबंध थे। इसकी जानकारी रानी की मां राधा पत्नी राकेश कुमार को भी थी।


कॉल कर बुलाया और कर दी हत्या


अभियोजन के मुताबिक घटना (25 दिसंबर 1918) की रात रानी ने अपने मंगेतर सोनू को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि पहले से बनाई गई साजिश के तहत रानी, उसकी मां राधा और प्रेमी अशोक ने मिलकर दुपट्टे से गला घोंटकर सोनू की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गांव से दूर जंगल में फेंक दिया गया, ताकि घटना को छिपाया जा सके।


मोबाइल लोकेशन से खुला राज


सोनू के पिता महिपाल ने बेटे के लापता होने और हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर अशोक कुमार को हिरासत में लिया।
पूछताछ में अशोक ने पुलिस को हत्या की पूरी साजिश बताई और उसकी निशानदेही पर सोनू का शव बरामद किया गया। बाद में सख्ती से पूछताछ में उसने रानी और उसकी मां राधा की संलिप्तता भी स्वीकार की।
पुलिस ने रानी की निशानदेही पर वह दुपट्टा भी बरामद किया, जिससे सोनू का गला घोंटा गया था। वहीं राधा ने शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य छिपाने में मदद करने की बात स्वीकार की थी।


आठ साल चला मुकदमा


पुलिस ने विवेचना पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। यह मुकदमा करीब आठ साल तक एडीजे सप्तम की अदालत में चला। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने खुद को बेगुनाह बताते हुए फंसाए जाने का दावा किया, लेकिन अभियोजन पक्ष ने कॉल डिटेल, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत पैरवी की।

अदालत ने सुनाई उम्रकैद


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे-7 चंचल कुमार की अदालत ने रानी और उसकी मां राधा को हत्या और हत्या की साजिश रचने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं अदालत ने अशोक कुमार को हत्या और शव छिपाने की साजिश में दोषी मानते हुए उम्रकैद और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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