India-US trade deal के विरोध में PM के घेराव को Meerut जा रहे किसानों को Moradabad में रोका

राजनीतिक और आर्थिक बहस का विषय भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। कृषि संगठनों का कहना है कि यदि आयात नीति संतुलित नहीं रही तो छोटे और सीमांत किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।


लव इंडिया, मुरादाबाद। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के आवाहन पर 22 फरवरी 2026 को जनपद मुरादाबाद से बड़ी संख्या में किसान मेरठ में प्रस्तावित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के विरोध में घेराव करने के लिए रवाना हुए। हालांकि किसानों को मुरादाबाद प्रशासन ने रास्ते में ही रोक लिया।


किसानों का आरोप है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के नाम पर केंद्र सरकार ने ऐसा समझौता किया है, जिससे भारतीय कृषि क्षेत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है। प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद किसानों ने वहीं पर ज्ञापन सौंपा।


‘ट्रेड डील से भारतीय किसान तबाह होगा’—अनूप कुमार मिश्रा


भारतीय किसान यूनियन (तोमर) मुरादाबाद के जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिका के साथ मौन समझौता किया है। उनके अनुसार अमेरिका से भारी मात्रा में गेहूं, कपास, सब्जियां और दूध जैसे उत्पाद बिना टैक्स के भारत आएंगे, जबकि भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कृषि उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है, जिसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने की खबर सामने आई है।


उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 80 प्रतिशत किसान ऐसे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है, जबकि अमेरिका का कृषि क्षेत्र भारत से कई गुना बड़ा है और वहां किसानों को लगभग 72 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है। इसके विपरीत भारत में किसानों को सीमित सब्सिडी मिलती है, जो अक्सर बड़ी कंपनियों तक सीमित रह जाती है।


‘जरूरत पड़ी तो संसद का करेंगे घेराव’


अनूप कुमार मिश्रा ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि यह समझौता भारतीय किसानों के हित में नहीं है तो भारतीय किसान यूनियन (तोमर) दिल्ली जाकर संसद का घेराव करेगी और तब तक आंदोलन जारी रखेगी जब तक किसानों के पक्ष में निर्णय नहीं लिया जाता।


प्रशासन ने रोका, ज्ञापन लिया


मेरठ रवाना हो रहे किसानों को मुरादाबाद प्रशासन ने रास्ते में रोककर समझाइश दी। बाद में किसानों का प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन सौंपकर वापस लौटा। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।


सैकड़ों किसान रहे मौजूद


इस दौरान जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा के साथ
मुकुल अग्रवाल, अरुण प्रजापति, हिमांशु शर्मा, सूरज प्रजापति, कैलाश प्रजापति, मिथुन कश्यप, राहुल मिश्रा, अर्जुन कश्यप, अमर सिंह प्रजापति, अरविंद कश्यप, विक्की प्रजापति, नरेश कुमार, राजीव वर्मा, राजन शर्मा, गौरव सैनी, टिंकू यादव, सोहनलाल प्रजापति, द्वारिकीनाथ गोस्वामी, करन वर्मा, सचिन वर्मा, अखिलेश सैनी, मुकेश कुमार, सलीम अंसारी, आबिद हुसैन, आका जहांगीर, विशाल प्रजापति, संजय सिंह, प्रदीप कुमार, आशीष शर्मा, मस्ता मुल्ला जी सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

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