धनतेरस की खरीदारी के दौरान महिलाओं से विवाद, सरायतरीन पुलिस चौकी पर हंगामा; दरोगा पर अभद्रता का आरोप

संभल के बाजार गंज में दुकानदार और महिलाओं के बीच हुई नोकझोंक के बाद चौकी पहुंचा मामला, दलित समाज के लोगों ने जताया आक्रोश; चौकी प्रभारी राहुल ने समझाकर कराया शांत

लव इंडिया, मुरादाबाद। धनतेरस के अवसर पर बाजार गंज में खरीदारी करने पहुंचीं महिलाओं और एक सामान विक्रेता व्यापारी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि इसकी सूचना सरायतरीन पुलिस चौकी को देनी पड़ी। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी राहुल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी ले आए।

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब महिलाओं ने चौकी पर तैनात एक दरोगा पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस आरोप की जानकारी मिलने पर दलित समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सरायतरीन पुलिस चौकी पहुंच गए। इसके बाद चौकी पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।

बाजार में कहासुनी के बाद चौकी पहुंचा मामला

जानकारी के अनुसार, थाना हयातनगर क्षेत्र के बाजार गंज में धनतेरस की खरीदारी के लिए कुछ महिलाएं पहुंची थीं। इसी दौरान सामान बेचने वाले एक व्यापारी से किसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी राहुल पुलिसकर्मियों के साथ दोनों पक्षों के लोगों को चौकी ले आए, ताकि मामले को समझकर विवाद शांत कराया जा सके।

दरोगा पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप, भड़का आक्रोश

आरोप है कि पुलिस चौकी पर मौजूद एक दरोगा ने महिलाओं के साथ अभद्रता की। महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की जानकारी जब दलित समाज के अन्य लोगों तक पहुंची तो उनमें आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सरायतरीन पुलिस चौकी पहुंच गए और मामले को लेकर नाराजगी जताने लगे। हालांकि, आरोप है कि संबंधित दरोगा के व्यवहार को लेकर महिलाओं और उनके साथ आए लोगों की नाराजगी बनी रही। महिलाओं से कथित अभद्रता के आरोप ने पहले से चल रहे विवाद को और तूल दे दिया।

महिलाओं के सम्मान और पुलिस के व्यवहार पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि महिलाओं के साथ पुलिस चौकी में अभद्रता किए जाने का आरोप सही है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस चौकी आम नागरिकों की शिकायत सुनने और उन्हें सुरक्षा का भरोसा देने का स्थान है। ऐसे में महिलाओं के सम्मान और पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।

फिलहाल इस मामले में संबंधित दरोगा का पक्ष और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

error: Content is protected !!