त्योहारों से पहले जल जीवन मिशन के लंबित भुगतान होंगे जारी, स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लव इंडिया, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन और जल निगम (ग्रामीण) के तहत कराए गए कार्यों के भुगतान में अब अनावश्यक देरी नहीं होगी। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी पर्व-त्योहारों से पहले पूर्ण हो चुके कार्यों के सभी पात्र लंबित भुगतान नियमानुसार जारी किए जाएं। उन्होंने रेट्रोफिटिंग योजना के अंतर्गत लंबित देयकों को प्राथमिकता से निस्तारित करने और सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों से संबंधित बिलों की जांच पूरी कराकर पात्र भुगतान जल्द जारी करने पर जोर दिया।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में जिन संस्थाओं ने निर्धारित मानकों के अनुरूप अपने कार्य पूरे कर दिए हैं और जिनके भुगतान संबंधी दस्तावेज सत्यापित हो चुके हैं, उनके देयकों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

रेट्रोफिटिंग योजना और जल जीवन मिशन के भुगतान को प्राथमिकता

जल शक्ति मंत्री ने जल निगम (ग्रामीण) की रेट्रोफिटिंग योजना और जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे हो चुके कार्यों के लंबित भुगतान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भुगतान संबंधी प्रकरणों का परीक्षण तेजी से कराया जाए और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र संस्थाओं को धनराशि उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान की प्रक्रिया में वित्तीय नियमों और पारदर्शिता का पूरा पालन होना चाहिए। कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों और संबंधित अभिलेखों की जांच आवश्यक है, लेकिन जांच के नाम पर सही और पूर्ण कार्यों के भुगतान में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए।

मंत्री ने कहा कि समय पर भुगतान होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में लगी संस्थाओं और एजेंसियों को भी राहत मिलेगी तथा ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के संचालन और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी।

IEC गतिविधियों के लंबित बिलों की जांच कर भुगतान करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन और जल निगम (ग्रामीण) के अंतर्गत सूचना, शिक्षा एवं संचार यानी IEC गतिविधियों से संबंधित लंबित बिलों का मुद्दा भी उठा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बिलों की नियमानुसार जांच कराई जाए। जिन बिलों और देयकों को जांच में सही पाया जाए, उनका भुगतान बिना अनावश्यक विलंब के जारी किया जाए।

उन्होंने कहा कि IEC गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को पेयजल योजनाओं, स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इन गतिविधियों के माध्यम से मिशन के उद्देश्यों को आम लोगों तक पहुंचाया जाता है। इसलिए इनसे संबंधित लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों की शिकायतों का संवेदनशीलता से हो समाधान

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को जनशिकायतों के निस्तारण में विशेष गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली प्रत्येक शिकायत किसी परिवार की वास्तविक परेशानी और आवश्यकता से जुड़ी होती है। इसलिए शिकायतों को केवल औपचारिकता मानकर निपटाने के बजाय उनकी समस्या का वास्तविक समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन और जल जीवन मिशन से जुड़ी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से लिया जाए। शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में करने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में राहत मिली है या नहीं।

मंत्री ने अधिकारियों से शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करने को कहा, ताकि एक ही समस्या की बार-बार शिकायत न करनी पड़े और ग्रामीण परिवारों को स्थायी राहत मिल सके।

पाइपलाइन के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत 10 दिन में पूरी करने का अल्टीमेटम

बैठक में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत यानी रोड रेस्टोरेशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मंत्री ने इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में जहां भी पाइपलाइन डालने के बाद सड़क पुनर्स्थापन का काम अधूरा है, उसे अगले 10 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा कराया जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन का विस्तार जरूरी है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित होने वाली सड़कों को भी पहले जैसी स्थिति में बहाल करना विभाग की जिम्मेदारी है। सड़कें खराब रहने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को अभियान के तौर पर पूरा कराया जाए। इसके लिए नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए और कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए।

उन्होंने साफ किया कि निर्धारित समयसीमा में सड़क मरम्मत का काम पूरा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति, लंबित भुगतान, जनशिकायतों के निस्तारण और सड़क पुनर्स्थापन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सभी कार्यों को तय समयसीमा और गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए।

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