स्कूल में छात्र की बेरहमी से पिटाई, गला दबाने का आरोप; हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

लव इंडिया, मुरादाबाद। कुंदरकी क्षेत्र के एक निजी शिक्षण संस्थान में छठी कक्षा के छात्र की कथित बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि क्लास में शोरशराबे को लेकर नाराज टीचर ने छात्र को इतना पीटा कि उसकी हालत बिगड़ गई। आरोप यह भी है कि टीचर ने बच्चे का गला तक दबा दिया, जिससे वह अचेत हो गया। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाना पड़ा।


घटना कुंदरकी क्षेत्र के नानपुर गांव स्थित एक शिक्षण संस्था की बताई जा रही है। पीड़ित छात्र मोहम्मद अरशल छठी कक्षा में पढ़ता है। आरोप है कि क्लास में शोर होने पर टीचर अर्पिता गुस्से में आ गईं और बच्चों को डांटने लगीं। इसी दौरान उन्होंने अरशल को पकड़ लिया और कथित तौर पर उसकी पिटाई शुरू कर दी।


“मैंने शोर नहीं किया”, लेकिन नहीं मानी टीचर


परिजनों के अनुसार छात्र ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसने शोर नहीं किया था, लेकिन टीचर ने उसकी बात नहीं सुनी। आरोप है कि जब बच्चे ने घरवालों से शिकायत करने की बात कही तो टीचर और अधिक नाराज हो गईं और उसका गला दबा दिया। इससे बच्चा अचेत हो गया।
कक्षा में बच्चे की हालत बिगड़ती देख स्कूल स्टाफ भी घबरा गया। इसके बाद छात्र को तत्काल गागन रोड स्थित डॉ. लाल सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत को देखते हुए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया।


अस्पताल पहुंचते ही घबराए परिजन


सूचना मिलने पर बच्चे के पिता मोहम्मद शहरनेब और अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। पिता ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर अरशल की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे ड्रिप लगाई और उपचार शुरू किया। चोटों के चलते बच्चे का एक्सरे भी कराया गया, जिसमें गले पर निशान आने की बात कही जा रही है।
अरशल की मां हमजा ने आरोप लगाया कि टीचर ने बच्चे को बुरी तरह पीटा और गला दबा दिया, जिससे उसकी नस दब गई और वह बेहोश हो गया।


शिक्षक पिता ने दी थाने में तहरीर


पीड़ित छात्र के पिता मोहम्मद शहरनेब, जो स्वयं बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बताए जा रहे हैं, ने कुंदरकी थाने में तहरीर देकर आरोपी टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में बच्चे की अमानवीय तरीके से पिटाई और गला दबाने का आरोप लगाया गया है।


प्रबंधन ने मांगा स्पष्टीकरण


घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। परिजनों के अनुसार उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत की, जिस पर प्रबंधन ने संबंधित टीचर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।


हालत में सुधार, परिवार को राहत


कई घंटे इलाज के बाद छात्र की हालत में सुधार आने पर परिवार ने राहत की सांस ली। बच्चे के पिता का कहना है कि थोड़ी सी और लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।


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