खाली कुर्सियां देख RPI के प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष नाराज, मंच से ही संगठन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

10 हजार का दावा, जिगर मंच पर खाली कुर्सियां! RPI महारैली में प्रदेश अध्यक्ष और रामदास आठवले नाराज


उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की ओर से रविवार को जिगर मंच पर आयोजित ‘संविधान सम्मान महारैली’ पार्टी के दावों के मुकाबले अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा पाने को लेकर चर्चा में आ गई। कार्यक्रम से एक दिन पहले प्रदेश नेतृत्व की ओर से महारैली में 10 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया था और इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति में RPI की नई शुरुआत बताया गया था। लेकिन रविवार को जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले मुरादाबाद पहुंचे तो आयोजन स्थल का बड़ा हिस्सा खाली नजर आया।


खाली कुर्सियों का यह दृश्य पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व को भी अखरा। प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन के दौरान मंच से ही आयोजन और स्थानीय संगठन की तैयारियों को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जिला… की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यहां तक कहा कि यदि किसी पदाधिकारी का पार्टी में काम करने का मन नहीं है तो उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


आठवले ने भी कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का संदेश


इसके बाद जब राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने मंच संभाला तो उन्होंने RPI के गठन से लेकर पार्टी की मौजूदा राजनीतिक भूमिका तक अपनी बात रखी। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा और RPI की राजनीतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने की जरूरत बताई।


हालांकि मंच के सामने अपेक्षाकृत कम भीड़ को देखते हुए आठवले भी अपनी नाराजगी छिपा नहीं सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि लोगों के काम करने और जनता के बीच सक्रिय रहने से ही पार्टी संगठन मजबूत होगा।
उनका जोर इस बात पर रहा कि केवल बड़े कार्यक्रम आयोजित करने से संगठन मजबूत नहीं होता, बल्कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों पर काम करना होगा।


आसपास के जिलों के पदाधिकारियों का भी बढ़ाया हौसला


रामदास आठवले ने अपने संबोधन के दौरान मुरादाबाद के साथ-साथ आसपास के जिलों से पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने RPI को उत्तर प्रदेश में विस्तार देने की रणनीति के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने का आह्वान किया।


10 हजार की घोषणा और खाली कुर्सियों ने खड़े किए सवाल


महारैली से पहले 10 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा किए जाने के बाद आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में खाली कुर्सियां दिखाई देना अब पार्टी संगठन के लिए चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि यदि RPI उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभाव बढ़ाने की तैयारी कर रही है तो स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की इतनी कम मौजूदगी पार्टी के लिए चिंता का विषय क्यों न मानी जाए।


मंच से प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष की नाराजगी के बाद अब स्थानीय संगठन की सक्रियता, पदाधिकारियों की जवाबदेही और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, कार्यक्रम में मौजूद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने RPI के संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर उत्साह जताया।


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