सरायतरीन में शान-ओ-शौकत से निकला ऐतिहासिक जुलूस-ए-मोहम्मदी, उलमा ने दिया इल्म और इंसानियत का पैगाम

सम्भल। रहमतुल्लिल आलमीन, सरकार-ए-मदीना हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के यौमे पैदाइश के मुबारक और पुरनूर मौके पर थाना हयातनगर क्षेत्र के सरायतरीन में जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरी शान-ओ-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की और सरकार-ए-दो आलम की बारगाह में सलात-ओ-सलाम का नजराना पेश किया।

यौमे पैदाइश की पूर्व संध्या पर सरायतरीन के नवाब खेल, राव वालान, धोबियान, चकली, पन्नीगरान, मंगलपुरा समेत विभिन्न मोहल्लों में जलसों का आयोजन किया गया। इलाकों को खूबसूरत अंदाज में सजाया गया और जगह-जगह इस्लामी झंडे लगाए गए। पूरे इलाके में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की रौनक दिखाई दी।

मोती मस्जिद से निकला जुलूस

परंपरागत रूप से जुलूस-ए-मोहम्मदी मदरसा जिया-उल-उलूम, मोती मस्जिद, बारहदरी सरायतरीन से कारी राशिद रजवी की निगरानी और निर्देशन में रवाना हुआ। जुलूस बजरिया चौक, चाहनायक, मंगलपुरा, नवाब खेल और बाजार गंज सहित विभिन्न रास्तों से गुजरता हुआ पुलिस चौकी पहुंचा।

पुलिस चौकी पर हर साल की तरह इस वर्ष भी अंजुमन गुलमाने मुस्तफा के तत्वावधान में जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया।

उलमा-ए-किराम ने बयान की सीरत-ए-पाक

जलसे में अहले सुन्नत के उलमा-ए-किराम मुफ्ती जाहिद सलामी, कारी राशिद रजवी, मुफ्ती महबूब मिस्बाही, मौलाना आलम रजा खान, मुफ्ती गुलफाम सादी, मौलाना जुबैर सलामी और मौलाना अब्बास रजा अजमली ने सरकार-ए-मदीना हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत-ए-पाक और उनकी जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली।

उलमा ने कहा कि प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इल्म की अहमियत पर विशेष जोर दिया। मुसलमानों को चाहिए कि वह दीन का इल्म हासिल करने के साथ दुनियावी तालीम में भी आगे बढ़ें।

उलमा-ए-किराम ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने अपनी पूरी जिंदगी इंसानियत की हिफाजत, भाईचारे और एकता का पैगाम देने में गुजारी। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को दूर किया और इंसानों को मोहब्बत, रहम और इंसाफ का रास्ता दिखाया।

बयान में कहा गया कि पैगंबर-ए-इस्लाम सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए। उन्होंने बेटियों को सम्मान दिलाया और समाज में बेटियों के साथ होने वाली ज्यादतियों को खत्म करने का पैगाम दिया।

पुलिस अधिकारियों को किया सम्मानित

जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान बेहतरीन पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम के लिए थाना हयातनगर प्रभारी संजीव बालियान और चौकी प्रभारी राहुल देशवाल को अंजुमन साहब बरकात की ओर से प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

वहीं, धार्मिक एवं सामाजिक सेवाओं के लिए मुफ्ती गुलफाम रजा सादी को भी अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

तुगरे बनाने वालों को मिला पुरस्कार

जुलूस में खूबसूरत और बेहतरीन तुगरे बनाने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। मोहम्मद राजा को प्रथम, मोहम्मद नदीम खान को द्वितीय तथा हनजला को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

जुलूस के आयोजन में जामिया इस्लामिया अहले सुन्नत नजरुल उलूम, मदरसा कादरिया नौशाहिया राव वालान, मदरसा तालीमुल कुरान मनिहारान, मदरसा फैजुल उलूम मंगलपुरा, एलीट जूनियर हाई स्कूल घुंघावली रोड, अंजुमन शाह-ए-बरकात, अंजुमन कारवाने मुस्तफा, अंजुमन गुलामाने रसूल, अंजुमन गुलामाने मुस्तफा पैंठ इतवार, अंजुमन ख्वाजा गरीब नवाज और अंजुमन कारवाने गौस-ए-आजम समेत विभिन्न मदरसों और अंजुमनों का सक्रिय सहयोग रहा।

बड़ी तादाद में लोग रहे मौजूद

जुलूस के दौरान पुलिस बल के साथ जीशान खान, नईम खान, शोएब अब्बासी, मुशाहिद खान, मेंबर हाजी आरिफ, मेंबर समी, मेंबर रेहान, मेंबर शौकीन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ वापस मोती मस्जिद पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां पैगंबर-ए-इस्लाम की बारगाह में सलात-ओ-सलाम पेश किया गया और मुल्क की सलामती, अमनो-अमान, भाईचारे और शांति के लिए खास दुआ की गई।

जुलूस में क्षेत्र के अनेक उलमा, हाफिज, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अकीदतमंदों में खासा जोश और जज़्बा देखने को मिला।

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